अनपरा थाने क्षेत्र के सिदहवा में सड़क हादसे में मृत बबलू के परिवारीजनों को मुआवजे की मांग को लेकर अनपरा थाने का घेराव कर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
अनपरा थाना क्षेत्र के सिदहवा में छह दिन पूर्व ट्रक से कुचलकर हुई बबलू केवट (35) की मौत मामले में मुआवजे की मांग को लेकर परिवारीजन और ग्रामीण मंगलवार की सुबह बीडीसी सत्यनारायण की अगुवाई में थाने धमक पड़े। पहले थाने का घेराव कर गेट पर थाने के वाहनों का आवागमन रोके रखा। बावजूद मुआवजा मिलने में देरी होता देख थाने के सामने रीवा-रांची मार्ग जाम कर दिया। वाहन स्वामी और कुछ अन्य की मदद से पीड़ित परिवार को पुलिस ने बतौर मुआवजा 15 हजार रुपये उपलब्ध करवाए, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
छह दिन पूर्व एक मांगलिक कार्यक्रम से घर लौटते समय सिदहवां निवासी बबलू की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। इस पर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। पुलिस ने मुआवजा दिलाने के आश्वासन के साथ ही, एफआईआर दर्ज कर ट्रक को सीज कर दिया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद वाहन स्वामी ने मुआवजे से इंकार कर दिया। इससे खफा दर्जनभर महिलाएं-पुरुष मंगलवार की सुबह आठ बजे थाने धमक पड़े और गेट पर ही घेराव-धरना शुरू कर दिया। यह देख एक बारगी पुलिस भी हड़बड़ा उठी।
वाहन स्वामी को बुलाया गया, लेकिन उसने थाने पहुंचने में तीन घंटे से भी अधिक वक्त लगा दिया। इसी बीच तहसील दिवस जाने के लिए दारोगा संजय सिंह के वाहन के आगे महिलाएं लेट गईं। किसी तरह उन्हें हटाया गया। उनके जाने के बाद ग्रामीणों को लगा कि मुआवजा नहीं मिलेगा। उन्होंने थाने के सामने ही हाइवे जाम कर दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। तब तक वाहन स्वामी पहुंच गए। उससे दस हजार और जिला पंचायत सदस्य बालकेश्वर सिंह से पांच हजार दिलाकर ग्रामीणों को शांत कराया गया।