पुराने विवाद में आठ जून को हुई मारपीट के मामले में घायल की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। जानकारी के अनुसार सिर पर लोहे से वार किया गया था। उपचार के बाद घायल को घर भेज दिया गया था लेकिन अचानक तबियत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर परिवारजनों ने कार्रवाई की मांग की।
राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के परासी गांव में सात दिन पूर्व हुई मारपीट में घायल चाय-नाश्ते के दुकानदार की रविवार को मौत हो गई। चक्कर आने पर वह दुकान में गश खाकर गिरा और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा मचाया। मौके पर पहुंची लोढ़ी चौकी पुलिस ने तहरीर के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया।
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परासी गांव के व्यवहारी टोला निवासी सुरेश बियार (37) दिव्यांग है। घर से कुछ दूर एक निजी स्कूल के सामने उसकी करीब एक विस्वा जमीन हैं। यहीं पर वह गुमटी में लगाकर चाय और पकौड़ी की दुकान चलाता है। परिजनों के मुताबिक उसकी जमीन पर विपक्षियों की नजर थी। वह बार-बार जमीन उन्हें बेचने का दबाव बना रहे थे, जबकि सुरेश इसके लिए तैयार नहीं था।
इसके बदले उसकी गुमटी उखाड़ने की धमकी भी दी जा रही थी। बताते हैं कि गत आठ जून की शाम सुरेश दुकान पर मौजूद था। इसी बीच एक व्यक्ति दुकान पर पहुंचा और लोहे की वस्तु से सिर पर वार कर घायल कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मामले की लिखित सूचना थाने पर दी, मगर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। मेडिकल मुआयना भी नहीं कराया गया।
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परिजनों ने घायल सुरेश का जिला अस्पताल में उपचार कराया था। वहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। इसके बाद से ही सुरेश को लगातार चक्कर और उल्टी की शिकायत थी। इस बीच रविवार की सुबह सुरेश अपनी दुकान पर था। उसकी पत्नी दुकान में साफ-सफाई के बाद घर चली गई। कुछ घंटे के बाद जब वह लौटी तो सुरेश जमीन पर अचेत पड़ा था।
आनन-फानन परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचेख् जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। नाराज परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जिला अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा मचाया। पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का भी आरोप मढ़ा।