एनजीटी के दिशा-निर्देश और अधिकारियों की हिदायत के बावजूद ऊर्जांचल में वाहनों की रफ्तार धीमी होने की नाम नहीं ले रही है। सोमवार की रात ककरी वारफाल के पास हाइवा के धक्का से रेहटा मोड़ पर लगा बिजली पोल टूट गया। इसके चलते पूरी रात और मंगलवार की दोपहर तक बत्ती गुल रही। बिजली से जुड़े काम-धंधों के साथ ही लोगों की दिनचर्या खासी प्रभावित हुई। विद्युत विभाग को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। प्रकरण में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
बांसी स्थित 132 केवीए उपकेंद्र से अनपरा-बीना और शक्तिनगर परिक्षेत्र को बिजली आपूर्ति दी जाती है। ऐसे में जब यहां एलटी लाइन से जुड़ा कोई हाइटेंशन पोल टूटता है तो हजारों उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो जाती है। मंगलवार की रात भी साढ़े सात बजे वाहन के धक्के से पोल टूटा। इसके चलते पूरी रात बिजली गुल रहा। सुबह से दोपहर कड़ी मशक्कत कर पोल और बिजली तारों को दुरुस्त किया, तब जाकर आपूर्ति बहाल हुई।चूंकि अनपरा परिक्षेत्र व्यवसायिक हैं, ऐसे में यहां दो-चार घंटे बिजली गुल होने से भी विद्युत वितरण महकमे को लाखों का झटका लगता है। वाहनों की बेलगाम रफ्तार की स्थिति यह है कि 22 दिसंबर की रात औड़ी के दुल्लापाथर में, 23 दिसंबर को ककरी वारफाल के पास, इसी रात बांसी में ट्रांसफार्मर लगा पोल, 24 दिसंबर की रात ककरी मोड़ पर और 26 दिसंबर की रात रेहटा मोड़ पर कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की टक्कर से पोल टूट गया। इसके चलते छह से लेकर 17 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बंद रही। बता दें कि चार दिन पूर्व एसडीएम दुद्धी बीपी सिंह ने बीना में ट्रांसपोर्टरों की बैठक लेकर रफ्तार पर अंकुश की हिदायत दी थी। पुलिस को भी निर्देश दिया था लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। सप्ताह भर पूर्व ककरी में पोल टूटने के मामले में अनपरा थाने में ट्रांसपोर्टर के खिलाफ तहरीर भी दी गई लेकिन सिर्फ एनसीएल दर्ज कर मामले से किनारा कर लिया गया।