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पीएम, सीएम कल रखेंगे विन्ध्य क्षेत्र की 23 परियोजनाओं की आधारशिला.

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गेस्ट हाऊस में पत्रकारो से वार्ता करते जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 नवंबर को सुबह 11.30 बजे 5555 करोड़ की लागत वाली कुल 23 परियोजनाओं की वर्चुअल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धंधरौल बांध के निकट करमाव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आधारशिला रखेंगे। इनमें 14 सोनभद्र और नौ मिर्जापुर की परियोजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगी।
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यह जानकारी प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को लाल किले की प्राचीर से जल जीवन मिशन के तहत हर घल नल के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उसी कड़ी में पेयजल परियोजनाओं की आधार शिला रखी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री सोनभद्र में दो जगहों खमरिया व पनारी खास गांव के लोगों से वर्चुअल संवाद करेंगे। इसके अलावा मिर्जापुर के तीन गांवों डाढ़ीराम, महुलार, धौहा के लोगों से भी वर्चुअल संवाद करेंगे। विन्ध्य क्षेत्र में आधारशिला रखने का मुख्य कार्यक्रम धधरौल बांध के पास स्थित करमाव गांव में होगा। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि कुल परियोजनाओं में से 14 सोनभद्र जिले से संबंधित हैं। इनकी लागत 3212.18 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि सरफेस वाटर लेकर उसे शुद्ध करने के बाद 14 परियोजनाओं के जरिए 1389 गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। इन परियोजनाओं के प्रस्तावित कार्य 2022 तक पूरे कर लिए जाने की उम्मीद है। परियोजनाओं के प्रस्तावित कार्य पूरे होने पर जिले की साढ़े 19 लाख से ज्यादा आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। संबंधित गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय विद्यालयों व पंचायत भवनों में प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है। संबंधित प्रधान व अधिकारी व्यवस्था सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिन पांच स्थानों पर प्रधानमंत्री ग्रामीणों से वर्चुअल संवाद करेंगे, वहां जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। मंत्री का कहना था कि परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था की गई है। जब तक संबंधित गांव के प्रधान व पांच किसान लिखकर नहीं देंगे, तब परियोजनाओं का कार्य पूरा नहीं माना जाएगा। इससे यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी कि पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू हो पाई अथवा नहीं।
पेयजल से संबंधित अन्य परियोजनाओं से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उनके सुदृढ़ीकरण की व्यवस्था की जा रही है। जिन परियोजनाओं के कार्य किसी कारण वश शुरू नहीं हो पाए, उन्हें संशोधित रूप में तैयार कर पूरा कराने की तैयारी है।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान सांसद पकौड़ी लाल कोल, सांसद राज्य सभा रामसकल, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी अजीत चौबे, जिलाध्यक्ष अपना दल सत्यनारायण पटेल, विधायक घोरावल डॉ अनिल कुमार मौर्या भी मौजूद रहे।
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