दुद्धी (सोनभद्र)। कोतवाली क्षेत्र के रन्नू गांव में शनिवार को ईंट से बना पिलर ढहने से मलबे में दो बच्चे दब गए। हादसे में दो वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि उसका मामा गंभीर रुप से घायल हो गया। दुद्धी सीएचसी में प्रारंभिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
बघाड़ू गांव निवासी दिनेश की ससुराल रन्नू गांव में है। रक्षाबंधन मनाने के लिए दिनेश की पत्नी आरती अपने बच्चे कार्तिक (2) को लेकर मायके आई थी। शनिवार की सुबह कार्तिक थोड़ी दूरी पर पड़ोस में अपने मामा दिनेश (12) पुत्र रामकिशुन व सुशील के साथ खेल रहा था। खेलते हुए अचानक ईंट से बना पिलर ढह गया। पास में खड़े कार्तिक और दिनेश इसकी चपेट में आकर मलबे में दब गए। सुशील शोर मचाते हुए घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। लोग मौके पर पहुंचे।
मलबे से दोनों को बाहर निकाला गया दोनों घायलों को सीएचसी दुद्धी लाया, जहां चिकित्सकों ने कार्तिक को मृत घोषित कर दिया। मामा दिनेश की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी।
मासूम बेटे को तलाशती रही बेसुध मां
दुद्धी। रन्नू गांव में हुई घटना के बाद आरती बेसुध है। वह अपने इकलौते बेटे कार्तिक का नाम पुकारते हुए बार-बार बेहाेश हो जा रही थी। होश में आने पर उसकी आंखें बेटे को ही तलाशती रहीं। रो-रोकर उसका बुरा हाल था। पिता दिनेश भी बेटे के गम में डूबे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अचानक से उसके कलेजे का टुकड़ा कैसे दूर हो गया।
करीब तीन साल पहले ही दिनेश और आरती की शादी हुई थी। कार्तिक उनका इकलौता बेटा था। दिनेश ने बताया कि भाई को राखी बांधने के लिए पत्नी आरती पिछले सप्ताह मायके आई थी। रक्षाबंधन के बाद उसे घर लौटना था। उसे क्या पता था कि यह अनहोनी हो जाएगी। बेटे के लिए घर में रखे खिलौनाें को देखकर दिनेश की आंखों से आंसुओं की धार फूट रही थी। आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे थे।