सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू ने शनिवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बच्चों के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में बैठक ली। बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्यवन की जानकारी ली। फिर जिला अस्पताल, शिशु गृह और बालगृह (बालिका) का निरीक्षण किया। बाल गृह बालिका में बालिकाओं ने कम दूध मिलने की शिकायत की।
बैठक में डॉ. नीता साहू ने कहा कि जिले में कोविड-19 से मृतक हुए परिजनों के बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से तत्काल आच्छादित किया जाए। उन्होंने श्रम विभाग के गोविंद यादव से बाल श्रम की स्थिति व बालश्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को विभाग से दिये जाने वाले लाभ के बारे में जानकारी ली। सदस्य ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि मानव तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जाए। उन्हें उचित सजा दिलवाई जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सदस्य ने कहा कि कोविड-19 के तीसरे लहर को दृष्टिगत सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। इसके बाद उन्होंने शिशु गृह, बाल गृह बालिका व जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। बाल गृह बालिका में बालिकाओं ने दूध कम मिलने की शिकायत की। इस पर उन्होंने अधीक्षिका को मानक के अनुरूप दूध उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला चिकित्सालय में निरीक्षण करते हुए उन्होंने सीएमएस डॉ. के कुमार निर्देश दिया कि बच्चों को उचित सुविधाएं मुहैया कराएं। इस दौरान एएसपी विनोद कुमार, डीआईओएस प्रवीण मिश्रा, श्रम विभाग के गोविंद यादव, डीपीएम रिपुंजय श्रीवास्तव, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष महताब आलम, सदस्य उमेश पाठक, महिला शक्ति केंद्र की जिला समन्वयक साधना मिश्रा, सीमा द्विवेदी, जिला बाल संरक्षण इकाई से शेषमणि दुबे, जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन एवं मानव तस्कर रोधी इकाई के सुजीत सेठ, महिला थानाध्यक्ष संतु सरोज रहीं।