कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाते अभियंता।
अनपरा परियोजना में तैनात दो अभियंताओं को शुक्रवार को निगम प्रबंधन की तरफ से लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही दोनों की वार्षिक वृद्धि रोक दी गई। इसमें एक की एक साल के लिए, दूसरे की हमेशा के लिए वृद्धि रोकने का निर्देश दिया गया है। दोपहर बाद जैसे ही यह खबर अनपरा के अभियंताओं को मिली, उबल उठे। राज्य उत्पादन निगम अधिकारी एसोसिएशन ने जहां परियोजना गेट पर प्रदर्शन कर आवाज उठाई। वहीं अभियंता संघ ने परियोजना प्रमुख से मिलकर एतराज जताया और तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि वापस लेने और वेतन वृद्धि बहाल करने की मांग की।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जामवंत प्रसाद, क्षेत्रीय सचिव अरविंद चौधरी ने कहा कि दोनों अभियंताओं ने कार्य में कोई लापरवाही नहीं की है। पर्याप्त संसाधन को लेकर लंबे समय से संगठन आवाज उठा रहा है। इसके चलते उत्पादन पर प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई जाती रही है लेकिन प्रबंधन ने इस पर ध्यान देने की बजाय, अभियंताओं पर ही लगाम कसनी शुरू कर दी है, जिसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। राजेश्वर प्रसाद, शैलेष चौरसिया, विनोद पांडेय, राकेश कुमार सिंह, सूर्य कुमार सागर ने भी मसले को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि अविलंब कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर सकता है। उधर, अभियंता संघ के मणींद्रनाथ, क्षेत्रीय सचिव आलोक श्रीवास्तव, एके राय, आरसी श्रीवास्तव, शिवाजी त्रिपाठी आदि ने भी दोनों अभियंताओं पर हुई कार्रवाई को गलत ठहराया और सीजीएम को पत्रक सौंप तत्काल कार्रवाई वापस लेने की मांग की। कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी अभियंता लगातार मेहनत से कार्य कर उत्पादन को बेहतर बनाने में लगे हुए हैं।