मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में सीजीएम और टैक्सी संचालक प्रतिनिधियों के बीच हो रही वार्ता।
टैक्सी संचालकों ने अनपरा परियोजना में संविदा पर चलने वाले वाहनों का संचालन दूसरे दिन भी ठप रख धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर बाद सीजीएम और टैक्सी संचालक प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। करीब दो घंटे तक चली वार्ता में एक-दो दिन में नवंबर तक के बकाए का भुगतान और भाड़ा दर में जनवरी से बढ़ोत्तरी लागू करने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए।
वाहन संचालक श्यामलाल, श्रीशचंद्र पांडेय, लालता प्रसाद तिवरी, विनोद कुमार यादव का कहना था कि चार माह पहले भी उन लोगों ने हड़ताल की थी लेकिन समय से भुगतान का आश्वासन देकर हड़ताल खत्म तो करवा दी गई, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। राकेश कुमार, सत्यप्रकाश, श्रीराम यादव, लोकपति सिंह का कहना था कि चालक का रोजाना 350 रुपये भुगतान करना पड़ रहा है। टैक्स की अदायगी करनी पड़ रही है सो अलग।
बावजूद भाड़ा दर में भी बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही है। उमाशंकर, श्यामजी तिवारी, मुन्ना, पंकज कुमार सिंह का कहना था कि भुगतान न मिलने से आर्थिक तंगी उत्पन्न हो गई है। भाजपा नेता मनीष श्रीवास्तव, अनपरा मंडल अध्यक्ष प्रभाशंकर मिश्र, कुंदन सिंह, आकाश पांडेय आदि ने भी वाहन चालकों की मांगों को जायज ठहराया और सीजीएम से मामले के जल्द समाधान की मांग की।
दोपहर बाद पहुंचने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव ने भी आंदोलनरत वाहन संचालकों से मुलाकात की और सीजीएम से तत्काल पहल की मांग की। इसके बाद वार्ता हुई। मांगों पर सहमति के बाद शाम को हड़ताल समाप्त कर दी गई।