क्षेत्र में लगातार हो रही पशु तस्करी और पुलिस के रवैए से नाराज लोगों का गुस्सा आखिरकार बुधवार को फूट गया। मुक्ति अखाड़ा गौ रक्षा सेवा समिति के बैनर तले कई गांवों के लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारी दुल्लहपुर गांव के मोड़ पर करीब आधा घंटा तक रामगढ़-मांची मार्ग पर जाम लगाया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पशु तस्करी और गो-हत्या पर अंकुश लगाया जाए। मांग पूूरी न होनेे पर ग्रामीण दो दिन बाद एसपी को ज्ञापन सौंपेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रायपुर और मांची थाना क्षेत्र के रास्तों से होकर पशु तस्करी बिहार में की जा रही है। इसमें कई वाहन भी शामिल हैं। इन रास्तों से सैकड़ों पशुओं की तस्करी की जाती है।
पूर्व में कुछ वाहन और तस्कर पकड़े गए। तस्करों ने पुलिस पर जानलेवा हमले का प्रयास किया, इसके बवजूद तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही। कार्रवाई के नाम पर पुलिस भी महज कोरम कर रही है।
इससे क्षुब्ध दुल्लहपुर, नंदना, सरईगाढ़, सिकरवार, वन बहुआर और नगांव के ग्रामीणों ने मुक्ति अखाड़ा गौ रक्षा सेवा समिति के बैनर तले विभिन्न गांवों में जुलूस निकाला और गो हत्या, तस्करी के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस विभिन्न रास्तों से होकर दुल्लहपुर गांव के मोड़ पर पहुंचा जहां रामगढ़-मांची मार्ग पर चक्काजाम किया गया। करीब साढ़े दस बजे सुबह से ग्रामीणों ने 11 बजे तक करीब आधा घंटा तक जाम किया। इसके बाद ग्रामीण खुद जाम समाप्त कर लौट गए। प्रदर्शनकारियों भोला मिश्रा, जिलाजीत यादव, सुनील जायसवाल, तनू यादव आदि का कहना था कि क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक को दो दिन बाद ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रामपति, सियाराम, सुरेश, जवाहिर, संदीप केशरी, रामअवध, धुरी, विनोद, संजय, हरिशंकर, रमेश, अशोक जायसवाल मौजूद रहे।