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सोनभद्र में आज भी लोगों को नहीं मिल रहा शुद्ध पेयजल, चुआड़ का पानी पीने को विवश हैं लोग

Mon, 01 Jun 2020 09:06 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
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चुआड़ का पानी भरते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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गर्मी आते ही लोगों को पानी के लिए यहां वहां भटना पड़ रहा है। जहां हैंडपंप नहीं है अथवा दूर है वहां के लोगों को चुआड़ के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। चोपन ब्लॉक के कोटा ग्राम पंचायत के कई टोलों में रहने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए दूर- दूर तक जाना पड़ता है। कोटा ग्राम पंचायत के पटेहरा टोला नाले पर ऐसा ही प्राकृतिक चुआड़ का पानी निकलता है।
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यहां से आसपास के कई घरों के लोग पानी लेने के लिए विवश हैं। गांव की गुजराती देवी ने बताया कि आसपास कोई हैंडपंप नहीं है। पीने से लेकर नहाने तक के पानी के लिए इसी चुआड़ के पानी से काम किया जाता है। इसी गांव के रहने वाले तपेसी ने बताया कि चुआड़ का पानी ही हम सब के जीवन का सहारा बना हुआ है। बारिश के दिनों में पीने का पानी साफ नहीं मिल पाता है।

गंदा पानी मजबूर होकर लोगों को घर लेकर जाना पड़ता है और उसे छानकर उपयोग में लाया जाता है। गांव के छोटेलाल ने बताया कि हैंडपंप लगाने के लिए गांव के लोगों ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक यहां हैंडपंप नहीं लग सका है। गांव निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि हैंडपंप घर से करीब तीन सौ मीटर दूर है। कभी खराब रहता है तो कभी चालू रहता है।
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गर्मी आते ही पानी देना कम कर देता है। इससे लोगों को पानी के लिए परेशानी बढ़ जाती है। हैंडपंप बन जाता तो पेयजल की समस्या का समाधान हो जाता। ग्रामीणों ने सक्षम अधिकारियों से हैंडपंप लगवाने की मांग की।
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