ओबरा। रेणुका क्षेत्र का समुचित विकास नहीं होने से नाराज रेणुका पार क्षेत्र के आदिवासी बहुल चार ग्राम पंचायतों के रहवासियों ने आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करने का मन बनाया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत पनारी, बैरपुर, बेलहथी, बेलछ के रहवासियों ने जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पत्र प्रेषित किया है।
ग्रामीणों ने पत्र में बताया कि रेणुका नदी पर बनाए गए पुल से फफराकुंड रेलवे ओवर ब्रिज और परसोई तक की सड़क 10 वर्षों से अत्यंत खराब होकर गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इससे गांव तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती। ऐसे में यहां के गरीब आदिवासियों को समय से चिकित्सा व्यवस्था नहीं मिलने से असामयिक मौत की घटना बढ़ गई है। वहीं पनारी ग्राम पंचायत के कड़िया में अंडरपास और खुलदिल रेलवे स्टेशन पर वाराणसी-शक्तिनगर इंटरसिटी का ठहराव, कोरोना काल से बंद चोपन-कटनी पैसेंजर, बरवाडीह चुनार पैसेंजर को चालू कराने सहित टेढुआ नाला पर केरवा बांध का निर्माण कराने की व्यवस्था करने, सड़क मरम्मत कराने की मांग को लेकर आदिवासियों ने कई बार शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आंदोलन भी किया। इसके बावजूद उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही। आदिवासी विकास मंच सोनभद्र एवं इंटक के जिलाध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी ने बताया कि विकास से उपेक्षित क्षेत्र के लोग राजनीतिक दलों से ठोस आश्वासन चाहते हैं। इसके लिए सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है।