आरोप है कि सूखे पेड़ों को काटकर हटाने के लिए संबंधित विभाग को सूचना दी गई थी, मगर उस समय पेड़ हटाने के लिए दो हजार रुपये की मांग की गई। कैथी से आगे पंवर मोड़ के पास 3 पेड़ सूखे पड़े हैं। थोड़ी दूरी पर परासी गांव में 7-8 सूखे पेड़ हैं। ऊंचडीह गांव के सामने क्रांति पथ का बोर्ड लगे स्थान के पीछे भी एक पेड़ सूख चुका है।
इसके अलावा सलैया, गौरीशंकर मंदिर के पास और ढूटेर गांव के आसपास 9-10 की संख्या में पेड़ सूखे पड़े हैं। इसके आगे भी सूखे पेड़ हैं। शाहगंज से घोरावल के बीच भी बड़ी संख्या में पेड़ सूखे पड़े हैं। स्टेट हाईवे का चौड़ीकरण कार्य भी चल रहा है। सात मीटर चौड़े मार्ग को स्टेट हाईवे के मानक के अनुसार 10 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। बावजूद सूखे पेड़ों पर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं है। हाईवे पर दिन-रात बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता रहता है।
रामगढ़-खलियारी मार्ग पर भी खतरा
रॉबर्ट्सगंज से दूसरी तरफ रामगढ़ होते हुए खलियारी तक जाने वाले मार्ग पर भी बड़ी संख्या में सूखे पेड़ हैं। बेलखुरी मोड़ के पास, चतरा, पुरना, तियरा के पास सड़क किनारे कई पेड़ सूखे पड़े हैं। कई हरे पेड़ों की डालियां भी सड़क की ओर झुकी हुई हैं। बीते गर्मी में तेज आंधी के दौरान सजौर-बिजौली, लसड़ा, मरकरी पास में कई पेड़ गिर गए थे। इससे मार्ग पर एक से डेढ़ घंटे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था और बिजली के कई खंभे जमींदोज हो गए थे। कर्मचारियों की तरफ से रात में पेड़ों को हटाया गया, तब जाकर आवागमन शुरू हुआ था। ऐसे में स्टेट हाईवे का सर्वे कराकर सूखे और खतरनाक पेड़ों को चिह्नित करने और कटाई-छंटाई की जरूरत है।
घर के सामने पेड़ सूखा है। सूखे पेड़ को हटाने के लिए एक साल में पांच बार सूचना अधिकारियों को दी जा चुकी है। मगर अभी तक सूखे पेड़ को नहीं हटाया जा सका है। इससे आंधी में पेड़ गिरने से हादसे का डर बना रहता है। -विनोद सिंह, बनौरा
गांव के ही पीयूष चौबे के मकान में दुकान चलाते हैं। दुकान और पड़ोसी गोविंद के घर के सामने 9 पेड़ पूरी तरह से सूखे पड़े हैं। कटाई नहीं होने से हादसे का डर रहता है। -लालधारी, कैथी
पंवर मोड़ के पास में स्टेट हाईवे के किनारे मकान है। कुछ कमरे किराए पर भी दिए हैं। मकान के सामने दो पेड़ सूखे हैं। जबकि एक पेड़ दूसरी पटरी पर सूखा है। लोगों के गिरने का डर बना रहता है। -जितेंद्र पटेल, पंवर
सड़क किनारे पेड़ सूखे हैं, मगर कितने सूखे हैं, इसका आइडिया नहीं है। यह बात संज्ञान में आया है। जल्द ही सर्वे कराते हुए कटाई के लिए वन विभाग को पत्र लिखा जाएगा। -प्रीती पटेल, सहायक अभियंता-पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
सूखे पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति लेनी होती है, मगर अभी तक पीडब्ल्यूडी की तरफ से इस तरह की अनुमति नहीं ली गई है। एक सूखे पेड़ काटने के एवज में 10 पेड़ लगाने होते हैं, यह नियम है। -आशुतोष जायसवाल, डीएफओ-सोनभद्र वन प्रभाग