राबर्ट्सगंज बाजार में सोमवार को मस्जिदों और मंदिरों के पास अचानक पुलिस फोर्स देख लोग दहशत में आ गए। फोर्स की चहलकदमी देख शुभचिंतकों से मोबाइल पर जिले का हालचाल पूछना शुरू कर दिया।
पुलिस कंट्रोल रूम के अलावा समाचार पत्र के कार्यालय में फोन घनघनाने लगे। इस दौरान दंगा नियंत्रण के लिए किए जा रहे रिहर्सल की जानकारी पर लोगों ने राहत की सांस ली।
सोमवार की शाम राबर्ट्सगंज के मेन मार्केट, पूरब मोहाल, शीतला मंदिर, धर्मशाला चौक, रेलवे क्रासिंग, चंडी तिराहा आदि क्षेत्रों में अचानक भारी संख्या में फोर्स पहुंच गई।
पुलिस और पीएसी जवानों के पदचाप और अधिकारियों के वाहनों के चक्रमण ने लोगों के माथे पर चिंता की लकीर की खींच दी।
पुलिस अधीक्षक शिवशंकर यादव, अपर पुलिस अधीक्षक शंभू शरण सिंह यादव, एसडीएम राजेंद्र प्रसाद तिवारी, तहसीलदार योगेंद्र सिंह समेत कई पुलिस क्षेत्राधिकारियों और विभिन्न थानों के प्रभारियों को अचानक नगर में गश्त करता देख लोग परेशान रहे।
चूंकि पुलिस अधीक्षक के साथ पुलिस पुलिस महकमा सड़क पर निकल पड़ा था, इस नाते लोग और भी परेशान हो गए।
लोग तरह-तरह की अटकलें लगाते रहे। शुभचिंतकों से मोबाइल पर यह जानने का प्रयास करते रहे कि कहीं जिले में कोई अप्रिय घटना तो नहीं घटित हुई है।
पुलिस अधिकारियों और पीएसी के जवानों ने पैदल ही कई क्षेत्रों में चहलकदमी की। एसपी, एएसपी और एसडीएम लगातार पुलिस कर्मियों को हर गलियों में पहुंचकर स्थिति देखने का निर्देश दे रहे थे।
इससे लोगों में एकबारगी डर सा पैदा हो गया जब लोगों को पता चला कि पुलिस और प्रशासन से जुडे़ अधिकारी आंतरिक सुरक्षा एवं दंगा नियंत्रण से निबटने के लिए रिहर्सल कर रहे हैं तो लोगों ने राहत की सांस ली।