सोनभद्र। जिले में अंधविश्वास और अज्ञानता काे बढ़ावा दे रहे ओझाओं पर शिकंजा नहीं कसने से लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। इन दिनों सर्प दंश की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पीड़ित काे अस्पताल में उपचार कराने की बजाय परिजन ओझाओं के फेर में फंसकर उनकी जान गंवा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में पांच से अधिक मौत हो चुकी है।
जहरीले सांपों की मौजूदगी वाले जिले में मई-जून से सर्पदंश की घटनाओं में इजाफा होता है। जहरीले सांपों के दंश से हर साल बड़ी संख्या में लोग जान गंवाते हैं। इसके पीछे समय से उपचार न मिलना भी प्रमुख कारण होता है। सर्पदंश के बढ़ते मामलों के देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण अस्पतालों पर एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता कराने के साथ ही लोगों को झाड़-फूंक से दूरी बनाने के लिए जागरूक भी कर रहा है। मगर इसका असर नहीं दिख रहा है। तमाम दावों के बावजूद जिले में इन दिनों सर्प दंश की घटनाएं बढ़ी हैं। सर्पदंश के ज्यादातर मामलों में मौत की वजह समय से उपचार न मिलना होता है। जागरूकता की कमी के चलते लोग सबसे पहले पीड़ित व्यक्ति को झाड़-फूंक के लिए ही ले जा रहे हैं। कई बार झाड़-फूंक में इतना वक्त लग रहा है कि व्यक्ति मौत के मुंह में चला जाता है। सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने के साथ अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिया गया है। बावजूद लोग इसका लाभ नहीं उठा रहे हैं।
अस्पतालों पर उपलब्ध है पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम
जिले के ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की खेप उपलब्ध करा दी गई है। जिला मुख्यालय स्थित ड्रग वेयर हाउस से जिले के दस सीएचसी 42 पीएचसी, जिला अस्पताल, संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज सहिज 54 अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है। मेडिकल काॅलेज को 148,बभनी सीएचसी को 340, म्योरपुर को 252,नगवां सीएचसी को 195,चोपन सीएचसी को 59, दुद्धी को 62, घोरावल को 75 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है।
इन बातों का रखें ध्यान : डॉ. एसएस पांडेय
जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसएस पांडेय का कहना है कि झाड़ियों, जंगल व अन्य ऐसे स्थलों पर न जाएं, जहां पर कीड़े मकोड़े रहते हों, अंधेरा होने पर टॉर्च लेकर ही घर से निकलें। सर्प के डंसने पर तत्काल नजदीक के अस्पताल लें जाएं। इस दौरान सर्प के डसने वाले के स्थान पर जोर से पट्टी बांध लें, जिससे जहर न फैलने पाए।
समय पर पहुंचें अस्पताल : सीएमओ
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि जिले के सभी दस सीएचसी व सभी पीएचसी पर सर्पदंश की पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। सर्पदंश पर शीघ्र ही नजदीकी अस्पताल पर उपचार के लिए ले जाएं। अगर आपको सांप डस ले तो डरें नहीं। सही समय पर इलाज मिलने से जान का खतरा टाला जा सकता है।
केस- 1
झाड़-फूंक में उलझे रहे परिजन, छात्रा की मौत
दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाड़ू गांव में 15 मई की रात शौच के लिए निकली राधिका (9) को सर्प ने पैर में डस लिया। राधिका के परिजनों ने हॉस्पिटल न पहुंच कर कई गांवों में करीब 20 घंटे तक अलग-अलग ओझा से झाड़-फूंक कराई। छात्रा की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और शाम के वक्त की मौत हो गई।
ओझा के फेर में गई पूर्व बीडीसी सदस्य की जान
बीते माह करमा थाना के अतरौलिया गांव निवासी चंद्रकला देवी (37) गांव की पूर्व बीडीसी सदस्य रह चुकी हैं। वह दोपहर में अपने घर में ही जमीन पर सोई थी। अचानक उसे सांप ने डस लिया। परिजन घंटों झाड़-फूंक में उलझे रहे। राहत न मिलने पर निजी अस्पताल गए, तब तक मौत हो चुकी थी।
नेत्रहीन महिला की चली गई जान
चोपन थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सिंदुरिया में चार दिन पूर्व सर्पदंश का शिकार हुई नेत्रहीन महिला की जान झाड़-फूंक के चक्कर में चली गई। लालती देवी 45 ने अपने घर पर एक मुर्गे को फड़फड़ाते सुना। वह मुर्गे को बचाने के लिए उस स्थान पर पहुंचीं। मुर्गे को पकड़ने के प्रयास में सांप ने लालती देवी के हाथ में डस लिया था।