फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांध और चुआड़ का गंदा पानी पी रहे लोग

Thu, 07 Apr 2016 10:38 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
विज्ञापन
विज्ञापन
 जिले में ग्रामीण डेढ़ किमी दूर पानी लाने के लिए विवश हैं। हैंडपंपों के सूखने से बांध और चुआड़ के दूषित पानी ही सहारा बने हैं। पहाड़ी इलाकों में स्थिति बदतर है। टैंकरों से पानी की आपूर्ति न होने के चलते लोगों की परेशानी बढ़ी है। मई-जून की गर्मी में स्थिति और भी भयावह होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं कई ब्लाकों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। 
विज्ञापन

गर्मी की शुरूआत ने ही पानी के संकट को सतह पर ला दिया है।

तमाम इलाकों में पानी को लेकर प्रदर्शन से लेकर चक्काजाम तक हो रहे हैं। जिले के पहाड़ी इलाकों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। रामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार नगवां ब्लाक के नगवां गांव में 21 हैंडपंप में से दो चालू तो हैं मगर लाल पानी निकल रहा है। सोलर लाइट से संचालित पानी की टंकी और तीन कुएं शो पीस बने हैं। साढ़े छह सौ की आबादी वाले इस गांव के लोग डेढ़ किमी दूर नगवां बांध से पानी लाने के लिए विवश हैं। प्रधान बुंदे सिंह खरवार कहते हैं कि टैंकर चलाने के लिए बीडीओ को शिकायती पत्र पत्र दिया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पथरकुआं, मुझई में लोग चुआड़ का पानी पी रहे हैं। 


खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के देवहार, चरगड़ा, खोड़ैला, पथरकुआं, सोमा, सथारी, गोंगा, कजियारी, मड़पा, नौडिहां आदि गांवों में डेढ़ किमी की दूरी तय कर चुआड़ का पानी लाना         मजबूरी है। खोडै़ला की प्रधान निर्मला देवी, पृथ्वी सिंह, रामनरेश कहते हैं कि यदि टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो  ग्रामीण डायरिया आदि के शिकार हो जाएंगे।
विज्ञापन



 चोपन प्रतिनिधि के अनुसार चोपन ब्लाक के पनारी, जुगैल गांवों में पानी का गंभीर संकट हो गया है। जन प्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे इन इलाकों में पानी का संकट गंभीर रूप ले रहा है। हालात यह हैं कि दूषित पानी पीने से लोग जल जनित रोगों के शिकार हो सकते हैं। सीडीओ महेंद्र सिंह का कहना है कि सभी बीडीओ पानी संकट वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर टैंकर से जलापूर्ति कराने का निर्देश दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें