लंबित वाद को खत्म करने का माध्यम है लोक अदालत, इसलिए अधिक से अधिक मुकदमों के निस्तारण की कोशिश की जाए। यह बातें हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति शशिकांत ने शनिवार को राबर्ट्सगंज न्यायालय में कही। उन्होंने यहां पर द्विमासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्ज्वलन करते हुए इसका शुभारंभ किया।
कहा कि मुकदमों की पेंडेंसी खत्म करने का प्रमुख माध्यम है राष्ट्रीय लोक अदालत। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया। कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन समूचे देश भर में एक साथ किया जाता है। इसकी मानीटरिंग सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस करते हैं। दोपहर बाद सवा दो बजे प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने न्यायालय परिसर और न्यायालयों का निरीक्षण कर डीजे राम अधार राम ने व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की। डीजे से एडीजे फेमिली कोर्ट, एडीजे न्यू एफटीसी, एडीजे एफटीसी, सीजेएम, मुंसफ, जेएम आदि कोर्टों में मौजूद वादकारियों से भी जानकारी ली। उन्होंने सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष पीएन पांडेय, डीबीए महामंत्री अतुल पटेल, एसबीए महामंत्री श्रीनिवास मिश्र, एसबीए उपाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह गौतम आदि सेे सहयोग की बात कही। एडीजे फेमिली कोर्ट अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीजे एफटीसी संतराम, एडीजे न्यू एफटीसी वाईके मिश्र, एडीजे जी प्रसाद, सीजेएम संजय कुमार यादव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ल, कोर्ट मैनेजर लीना, नाजिर लल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।