फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: बगैर डैशबोर्ड ट्रैक के ग्राम पंचायतों में संचालित टैंकरों का नहीं किया जाएगा भुगतान

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए संचालित टैंकरों की डैशबोर्ड आधारित जीपीएस प्रणाली के जरिए ऑनलाइन निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके लिए जहां सभी एडीओ पंचायतों को रोजाना विवरण संबंधित डैशबोर्ड पर अपलोड कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं विकास भवन स्थित कंट्रोल रूम से इसकी निगरानी कराई जा रही है। बुधवार से प्रभावी की गई इस व्यवस्था में पहले दिन 108 ग्राम पंचायतों में जीपीएस के जरिए 115 टैंकरों का संचालन ट्रैक (दर्ज) किया गया। बृहस्पतिवार को भी करीब-करीब यहीं स्थिति रही। गौरतलब है कि जिन गांवों में भूजल स्तर नीचे चला गया है या वहां मौजूद जलस्रोत जवाब दे गए हैं, वहां पेयजल टैंकर से जलापूर्ति कराई जा रही है। बढ़ती तपिश के साथ इसका दायरा बढ़ता जा रहा है। इसकी आड़ में कागजी टैंकर चलाकर भुगतान न ले लिया जाए और जरूरत वाली सभी जगहों पर पेयजल की आपूर्ति हो, इसके लिए डीएम चर्चित गौड़ के जरिए डैशबोर्ड आधारित जीपीएस प्रणाली के लिए सीधे मुख्यालय से सभी टैंकरों के परिचालन की निगरानी शुरू की गई है। निगरानी के नोडल का दायित्व जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपा गया है। वहीं निगरानी का कार्य विकास भवन स्थित पेयजल कंट्रोल रूम से कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अक्सर टैंकरों के नाम पर कागजी जलापूर्ति की शिकायत सामने आती रहती है। पूर्व के सालों में इस तरह के कई मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसी सभी शिकायतों पर विराम लगाने के लिए निगरानी की नई व्यवस्था तो लागू की ही गई है। सभी प्रधानों-पंचायत सचिवों को इस बात की भी हिदायत भी दी गई है जिन टैंकरों का परिचालन जीपीएस आधारित डैशबोर्ड पर दर्ज होगा, भुगतान सिर्फ उन्हीं टैंकरों का किया जाएगा। टैंकर परिचालन का विवरण डैशबोर्ड पर दर्ज न होने की दशा में भुगतान किया जाना संभव नहीं होगा। सभी एडीओ पंचायतों को इसका कड़ाई से अनुपालन कराने व लापरवाही पर कार्रवाई के लिए भी चेताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें