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स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर पार्क तो कहीं तैयार हो रहे सरोवर

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स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय योगदान देने वाले सेनानियों के लिए सही मायने में इस बार आजादी का उत्सव खास होगा। वर्षों तक ब्लाक और तहसील के स्तंभों तक सिमटे रहे सेनानियों को अब उनके गांव में भी अमिट पहचान मिलने जा रही है। अमृत सरोवर और अमृत वन पर अंकित सेनानियों के नाम नई पीढ़ी को अपने पुरखों की वीरता के किस्सों से अवगत कराएंगे। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व गांवों में बन रहे तालाब और अमृत वनों को अंतिम रूप दिया जाने लगा है। इन स्थानों पर भी भव्य आयोजन के बीच झंडा फहराने की तैयारी जारी है।
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तत्कालीन मिर्जापुर जिले के दक्षिणांचल के रूप में स्थापित सोनभद्र का स्वतंत्रता आंदोलन में अहम योगदान रहा है। प्रतिकूल परिस्थितियों और तमाम अभावों के बावजूद अति पिछड़े इलाके के लोग आजादी की लड़ाई में किसी से पीछे नहीं थे। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 में आजादी मिलने तक हर मोर्चे पर यहां के सेनानी डटकर ब्रिटिश हुकूमत से लड़ते रहे। इनमें से 111 सेनानियों के नाम परासी पांडेय स्थित गौरव स्तंभ पर भी अंकित हैं। सेनानियों के नाम पर तहसील और ब्लाक स्तर पर भी प्रस्तर स्तंभ बनाए गए हैं लेकिन सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे खास आयोजनों पर ही उनकी सुध ली जाती रही है।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सेनानियों को उनके गांव में भी अमिट पहचान दी जा रही है। गांव में खोदे जा रहे अमृत सरोवर और अमृत वनों को सेनानियों का नाम दिया जा रहा है। सलखन गांव में बने अमृत वन को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवनाथ गोंड का नाम दिया गया है। इसी गांव के एक अन्य सेनानी शंकर गोंड के नाम पर अमृत सरोवर तैयार हो रहा है। परासी पांडेय में शहीद स्थल के सामने स्थित सरोवर को भी सेनानियों की याद में विकसित किया जा रहा है। घोरावल और दुद्धी में भी सेनानियों के गांव में बन रहे तालाब और वनों पर अपने पुरखों के नाम अंकित देख परिजन आह्लादित हैं। उनका कहना है कि 75वें स्वतंत्रता दिवस पर जब इन स्थलों पर तिरंगा लहराएगा तो सेनानियों की आत्मा को भी सुकून मिलेगा।
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हर गांव में बन रहे अमृत वन
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत पहले 75 गांवों में ही अमृत वन बनाने का निर्देश था। अब हर गांव में अमृत वन बनाया जा रहा है। प्रत्येक अमृत वन में फलदार और छायादार प्रजाति के 75-75 पौधे लगाए जाएंगे। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में अमृत वन के लिए गड्ढे खोदे जा चुके हैं। पौधों की व्यवस्था भी करा ली गई है। अमृत महोत्सव के तहत 13-15 अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर पौधरोपण कराया जाएगा। यह वन शहीदों की स्मृतियों में तैयार हो रहे हैं। ग्राम पंचायत के माध्यम से इसकी देखभाल भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर गांव के सभी पंचायत भवनों पर भी झंडा फहराया जाएगा। वहीं डीडीओ शेषनाथ चौहान ने बताया कि 98 गांवों में अमृत सरोवर तैयार हो चुके हैं। अन्य गांवों में भी कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर भीटे पर झंडा फहराने की व्यवस्था होगी।
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