सब कुछ ठीक रहा तो जिले के माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य शिक्षा के लिए योग शिक्षक स्कूलों में ही मिलेंगे। शासन स्तर से इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
किशोरों को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए योग शिक्षा को उपयोगी माना जा रहा है। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा विभाग राजकीय व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में योग प्रशिक्षक की तैनाती की तैयारियों में जुटा है। वहीं मान्यता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में छात्रों को योग संबंधी शिक्षा देने के लिए विभाग नियमों में परिवर्तन करने जा रहा है। योग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब उन्हीं वित्तविहीन स्कूलों को मान्यता मिलेगी, जहां योग शिक्षक की तैनाती होगी। इसके लिए आवेदन के दौरान योग शिक्षक होने का प्रमाण पत्र भी देना होगा। मान्यता के लिए जो भी संस्था ऑनलाइन आवेदन करेंगी। उन संस्थाओं को योग शिक्षक का ब्योरा भी वेबसाइट पर दर्ज करना होगा। इसके लिए मानक आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार होगा। इसके लिए यूपी बोर्ड की मान्यता शर्तों में बदलाव किया जा रहा है, जो अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। शासन की ओर से अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव से इससे संबंधी प्रस्ताव मांगा है। वहीं वर्तमान समय में संचालित वित्तविहीन स्कूलों में योग शिक्षक किस प्रकार रखे जाएं, इस पर भी राय मांगी गई है।
शासन की ओर से योग शिक्षक रखने के दिशा में कार्य हो रहे हैं। हालांकि अभी मान्यता के दौरान क्या शर्तें होगी इसका निर्धारण संबंधी आदेश नहीं आया है। स्कूलों में योग शिक्षक होने से बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा में बेहतर लाभ होगा। - राजेंद्र यादव, डीआईओएस।