पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से कड़ी पूछताछ की थी लेकिन वारदात में उनके शामिल होने का कोई क्लू सामने नहीं आया था। ग्रामीणों से पूछताछ के जरिए मिली जानकारी, रामलखन की पूर्व में दो हत्या सहित कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता को देखते हुए घटना के वक्त उसके और उसके पत्नी के मौजूदगी की स्थिति जानी गई तो पता चला कि मृतका रात में ही खेत वाले घर से उठकर गांव वाले घर चली आई थी।
भोर में उसकी तलाश करते पति-पत्नी दोनों गांव वाले घर पर पहुंचे थे। उसके लगभग दो घंटे बाद उसके मृत होने की बात सामने आई थी। जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि हत्या किसी और ने नहीं, उसके पिता ने ही किया है। इसमें मां ने भी सहयोग किया था।
मिली जानकारी के आधार पर शुक्रवार को दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो सारी कहानी सामने आ गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की जिन लोगों से रंजिश थे, उन्हीं के लड़के फोन पर उसकी बेटी से बात कर रहे थे। इसको लेकर वह कई बार मना कर चुका था।
बेटी को डांट-फटकार लगाने के साथ युवकों की पिटाई भी की थी। बावजूद फोन पर बातचीत जारी थी। घटना की रात भी उसने बेटी को बात करते पकड़ा और कई थप्पड़ जड़ गए। इस बात से खफा होकर वह रात में जब सभी लोग सो गए तो वहां से वह गांव वाले घर के लिए चली गई।
नींद खुलने पर जब वह खेत पर नजर नहीं आई तो माता-पिता दोनों उसकी तलाश करने के लिए गांव के घर पहुंच गए। वहां उसे आराम से सोता देख रामलखन आपा खो बैठा और गला दबकर हत्या कर दी। पुलिस को गुमराह करने के लिए फोन पर बात करने वालों पर ही हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करा दी। प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव के मुताबिक कि पूछताछ के बाद रामलखन और उसकी पत्नी कृष्णावती का संबंधित धाराओं के तहत चालान कर दिया गया।