सोनभद्र। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत आपत्ति के आखिरी दिन सोमवार को विभिन्न पदों के लिए कुल 334 आपत्ति पत्र दाखिल किए गए। इसमें प्रधान पद के लिए सर्वाधिक 229, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 38, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 42 और जिला पंचायत वार्ड के लिए 25 आपत्तियां दाखिल हुई हैं। चार मार्च से आठ मार्च तक प्रधान पद के लिए कुल 383, ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 42, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 58, प्रमुख पद के लिए दो और जिला पंचायत सदस्य वार्ड के लिए 43 आपत्तियां दाखिल हुई हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि पांच दिनों में विभिन्न पदों के लिए कुल 528 आपत्तियां दाखिल की गई हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण 10 मार्च से 12 मार्च तक गठित समिति करेगी। इसके बाद 13 मार्च और 14 मार्च के बीच में आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सोमवार को दिये गए आपत्ति में नगवां ब्लॉक के मड़पा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुुुसार ग्राम पंचायत की आबादी 1174 है। हाल में ही सीटों के आरक्षण में ग्राम पंचायत में अनुसूचित जनजाति की आबादी 653, पिछड़ी जाति की आबादी 473, अनुसूचित जाति की आबादी महज 41 और सामान्य की आबादी सिर्फ सात दर्शाई गई है। जबकि गांव में सामान्य जाति के एक भी व्यक्ति नहीं हैं। मड़पा 2015 में नई ग्राम पंचायत बनी थी। वर्तमान में इस सीट को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। इसके पूर्व 2015 में यह सीट सामान्य थी। आबादी के हिसाब से इस सीट को जनजाति या पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित किया जाना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
गांव के अमृत लाल, जवाहिर, ओमप्रकाश, कलामू, रमेश समेत तमाम लोगों ने आरक्षण में बदलाव की मांग की है। उधर विंढमगंज क्षेत्र के अर्पित कुमार ने डीएम को दिये आपत्ति में कहा है कि वर्ष 2015 में विंढमगंज जिला पंचायत की सीट सामान्य थी। लेकिन जब 2021 का आरक्षण तैयार किया गया तो 2015 की सीट का सामान्य की जगह अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित दिखाया गया है। जो कि पूर्ण रूप से गलत है। अर्पित ने इसकी जांच कराकर 2021 में इस सीट को अनूसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने की मांग किया है।