सोनभद्र। पंचायत सहायकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। पंचायत सहायकों ने मानदेय बढ़ाने और स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की मांग की है। यूनियन के जिलाध्यक्ष अंकित कुमार के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ। पंचायत सहायकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में बताया गया कि गत एक जून को मांग पत्र दिया गया था। इसके बाद तीन जून को शासन स्तर पर प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। प्रमुख सचिव पंचायती राज ने मांगों के समाधान के लिए दो माह का समय मांगा था। निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद कोई सकारात्मक आदेश जारी नहीं हुआ। इससे पंचायत सहायकों में गहरा असंतोष है। यूनियन ने मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। यह ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष होगा। न्यूनतम कुशल मजदूरी के बराबर मानदेय देने का विकल्प भी रखा गया। संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाने की भी मांग है। महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश और स्थानांतरण नीति लागू करने को कहा गया। आगामी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में पंचायत सहायकों को 50 फीसदी शैक्षिक आरक्षण देने की मांग भी की गई। यूनियन ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में सकारात्मक निर्णय न होने पर सात सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।