साढ़े तीन माह में छह ग्राम पंचायतों से निकल गए तीन करोड़ से अधिक रुपये
नवगठित नगर पंचायतों में शामिल हो रही ग्राम पंचायतों से निकली बड़ी धनराशि
बीडीओ बोले, मामले की है जानकारी, अभिलेखों का कराया जा रहा सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
म्योरपुर। स्थानीय विकास खंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के नगर पंचायतों के परिसीमन क्षेत्र में शामिल होने को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर एक बड़ी धनराशि आनन-फानन में निकाली गई है। ग्राम पंचायतों में डंप पड़ी इस धनराशि को अचानक निकाले जाने को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने इस मामले में जांच की मांग की है।
म्योरपुर विकास खंड की सात ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है। इसी तरह दो ग्राम पंचायतों को आंशिक रूप से नगर पंचायतों का हिस्सा बनाया जा रहा है। इन सब को लेकर ग्राम पंचायतों द्वारा आनन-फानन में एक बड़ी धनराशि निकाले जाने को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इन ग्राम पंचायतों से धनराशि निकाले जाने की जांच की मांग की है। इन ग्राम पंचायतों की बात करें तो कुलडोमरी में करीब 96 लाख रुपए का आहरण इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अब तक कर लिया गया है। इसी तरह अनपरा में 6522950 रुपये, परासी में 5173960, ककरी में 5926856, गरबन्धा में 3112903 तथा रेहटा में 1243135 का भुगतान आनन फानन में ग्राम पंचायत के कर्ताधर्ताओं द्वारा कर दिया गया है। उच्चाधिकारियों को इन बातों का पता चलने के बाद उन्होंने खानापूर्ति के लिए जांच जरूर बैठा दी है। खंड विकास अधिकारी स्तर से पत्र जारी कर जांच टीम का गठन किया गया है। ग्रामीणों की माने तो जांच केवल खानापूर्ति के लिए की जा रही है, यदि सही में जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पांडे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। एक ग्राम पंचायत के अभिलेखों का सत्यापन चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में अधिक मात्रा में भुगतान हुए हैं उनकी जांच कराई जाएगी।