प्रतापगढ़ और कानपुर में साथी की हत्या के विरोध में जिले के अधिवक्ता मुखर हो गए हैं। शनिवार को बार काउंसिल के आह्वान डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध जताया। सरकार से मुआवजा की मांग की।
पूर्व बार के अध्यक्ष सुधाकर मिश्र की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। कहा कि सपा सरकार में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं हैं। इसका उदाहरण कुछ दिन पूर्व प्रतापगढ़ के अधिवक्ता जवाहर लाल मिश्र और कानपुर में अधिवक्ता जितेंद्र पाल की हत्या है। प्रदेश सरकार से कहा कि प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए परिवारजनों को सुरक्षा प्रदान करें। महामंत्री प्रतिभा मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, छोटेलाल गौतम, मान सिंह, शहनवाज आलम खान, प्रदीप कुमार, शक्तिसेन, टिटू गुप्ता आदि मौजूद रहे। उधर, अधिवक्ताओं के कामकाज न करने से वादकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसी क्रम में सोनभद्र बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने मौन विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रतापगढ़ और कानपुर में अधिवक्ता की हुई हत्या के घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद बार के अध्यक्ष ओमप्रकाश राय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश को पत्रक सौंपा। महामंत्री रमेश प्रसाद चौबे, त्रियुगी नारायण द्विवेदी, सतीश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार सोनांचल बार एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को प्रतापगढ़ आौर कानपुर में अधिवक्ताओं की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में नगर में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला। अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहते हुए मुंह पर सफेद पट्टी बांधकर एआरओ कोर्ट से हनुमान मंदिर होते हुए अपर जनपद न्यायाधीश अनपरा के ओबरा स्थित कार्यालय तक जुलूस निकाला। इसे लेकर सहायक अभिलेख अधिकारी के प्रांगण में सभा की गई जहां अधिवक्ताओं ने एक स्वर से मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को 50 लाख रुपये सहायता राशि तथा घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। रमाशंकर सिंह यादव, जवाहर लाल पांडेय, अनिल मिश्र, उमेश चंद्र शुक्ला, शशि रंजन श्रीवास्तव, अनिल कुमार, रमेश मिश्रा, दीपेश दीक्षित, दीपक पांडेय, गजेंद्र यादव, हरिओम सेठ, कपूरचंद पांडेय आदि मौजूद रहे।