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अब 149173 कार्डधारकों को नही मिलेगा केरोसिन

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सोनभद्र। जिले के 149173 राशन कार्डधारकों को केरोसिन नहीं मिलेगा। इसमें शहरी क्षेत्र के 29173 काडधारक और ग्रामीण इलाकों के 120000 उपभोक्ता शामिल है। बिजली समस्याओं से जूझ रहे उपभोक्ताओं को अंधेरे में ही गुजर-बसर करना पड़ेगा। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी। शासन ने इसी माह से कार्डधारकों को केरोसिन देने पर रोक लगा दी है।
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जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। इस नाते शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के अनुुसार बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती। क्योंकि अक्सर आंधी के चलते जर्जर हो चुके बिजली के तार टूटकर गिरतेे रहते है और ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर व विद्युत सब स्टेशनों में फाल्ट की समस्या रहती है। ऐसे में लोगों की ढिबरी की रोशनी में गुजर-बसर करना मजबूरी है। लेकिन अब सरकार शहरी क्षेत्रों के शत-प्रतिशत कार्डधारकों और ग्रामीण इलाकों के जिन कार्डधारकों के पास एलपीजी और बिजली के कनेक्शन है उनका केरोसिन बंद कर दिया है। ऐसे में सुदूर और नक्सल इलाकों के रहवासियों को रात में परेशानी होगी। रात में जहरीले जंतुओं के काटने और जंगली जानवरों के हमला करने का खतरा बना रहता है। भाजपा सरकार ने केरोसिन बंद कर दिया, लेकिन जिले के किसी जनप्रतिनिधि ने जिले की भौगोलिक स्थिति के बारे में सरकार को अवगत कराकर केरोसिन का आवांटन कराने की पहल नहीं किया। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में राबट्र्सगंज, चतरा, घोरावल, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र मेें करीब 325926 पात्र गृहस्थी एवं 60558 अंत्योदय राशन कार्डधारक है। इसमें शहरी क्षेत्र में 487 अंत्योदय राशनकार्ड धारक व 28686 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक है। प्रत्येक अंत्योदय कार्डधारक को तीन लीटर और पात्र गृहस्थी को एक-एक लीटर केरोसिन मिलता था।
कागजों पर हो रही आपूर्ति
सोनभद्र। सरकार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति करने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत में किसी इलाके में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं की जा रही है। मड़पा, चकरिया, पोखरिया, बसुहारी समेत कई गांवों में न के बराबर आपूर्ति हो रही है। ऐसे में केरोसिन बंद होने से लोगों के समक्ष समस्या विकराल रूप धारण कर लेगी।
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