सोनभद्र। एमवी एक्ट में संशोधन के विरोध में मंगलवार को भी चालक हड़ताल पर रहे। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगाया। सोनभद्र रोडवेज डिपो परिसर से शाम तक बमुश्किल दस बसों का संचालन हो पाया। यहां कुल 60 बसें हैं। ट्रक चालकों के भी आंदोलन में शामिल होने से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिले के 30 से अधिक पंपों पर डीजल खत्म हो गया है। पेट्रोल की किल्लत भी बढ़ने लगी है। हड़ताल से सोनांचल में एक करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित रहा। वहीं मांगें पूरी नहीं होने से रोडवेज, प्राइवेट बस चालक, ट्रक चालक एवं अन्य वाहन चालकों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
सोनभद्र डिपो में कुल 60 बसें हैं। सोमवार को दो बसें चल पाई थी। उच्चाधिकारियाें के निर्देश पर मंगलवार की सुबह से ही अफसर बसों को डिपो से निकालने में जुटे रहे। काफी जद्दोजहद के बाद वाराणसी के लिए सवारी लेकर एक बस निकल पाई। कुछ देर बाद दूसरी बस को रवाना किया गया, लेकिन उसे हड़ताल में शामिल चालकों ने बभनौली के पास रोक लिया। बाद में पुलिस की मदद से किसी तरह उसे रवाना किया गया।
शाम तक डिपो से कुल छह बसों का संचालन हो पाया। सामान लेकर डिपो पहुंचे यात्रियों को काफी इंतजार के बाद लौटना पड़ा। एआरएम विश्राम के मुताबिक चालकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। दस बसों का संचालन कराया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली। दो दिनों में डिपो को करीब 15 लाख रुपये की क्षति हुई है। उधर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष समर बहादुर यादव व रोडवेज कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने कहा कि नए कानून को वापस नहीं लिया गया तो कर्मचारी संघ हड़ताल निरंतर करने को बाध्य होंगे।
दूसरी तरफ चंदौली जिले के अलीनगर डिपो में टैंकर चालकों के हड़ताल पर जाने से सोनांचल में डीजल एवं पेट्रोल की आवक कम हो गई है। पेट्रोल टंकियों पर तेल के टैंकर न आने से लोगों को तेल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रामगढ़, वैनी, रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर, चोपन सहित अन्य क्षेत्रों में 30 से अधिक पंपों पर डीजल समाप्त हो गया था। हड़ताल बढ़ने की आशंका से कई लोग अतिरिक्त तेल लेते रहे। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गोविंद अग्रहरी ने बताया कि डीजल की कमी कुछ पंपों पर हुई है। इससे ज्यादा संकट पेट्रोल को लेकर है। पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की संख्या अधिक है। आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो दिक्कत बढ़ सकती है।
औद्योगिक परिक्षेत्र रेणुकूट में 500 ट्रकों के पहिए थमे
रेणुकूट। हिट एंड रन मामले में बनाए गए नए नियम के विरोध में रेणुकूट नगर में भी चालक हड़ताल पर रहे। औद्योगिक कंपनियों को उपलब्ध होने वाले कच्चे माल के साथ-साथ बनाए गए माल को भेजने में भी काफी परेशानी हो रही है। चालकों की हड़ताल के चलते 500 ट्रकों के पहिए थमे रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
ट्रेन से आए, बस न मिलने पर टेंपो से गए
सुबह 8 बजे रेणुकूट बस स्टैंड पर खड़े शक्तिनगर निवासी सुधांशु वर्मा और मनीष ने बताया कि वह त्रिवेणी एक्सप्रेस से लखनऊ से आकर चोपन उतर गए। इसके आगे की यात्रा उन्हें बस से करनी थी, मगर सड़कों पर बसों के न रहने से मजबूरन में उन्हें टेंपो से चोपन से रेणुकूट तक आना पड़ा। इसके बाद वह यहां से आगे जाने के लिए काफी परेशान रहे। अनपरा, शक्तिनगर की ओर जाने के साथ-साथ वाराणसी और मिर्जापुर की तरफ जाने वाले यात्री भी बेहद परेशान दिखे।
समर्थन में टेंपो चालकों ने भी किया प्रदर्शन
चुर्क। संसद में पारित नए मोटर व्हीकल एक्ट से आक्रोशित टेंपो चालकों ने दूसरे दिन मंगलवार को भी टेंपो संचालन बंद रखा। चुर्क से राबर्ट्सगंज के लिए आने वाले लगभग 40 टेम्पों खड़े कर दिए। टेम्पो चालक राजकुमार, कृष्ण, पप्पू, महेंद्र, ललन, प्रताप, रिंकू, राजन, नारद, गुरु आदि मौजूद रहे।
पेट्रोल पंप पर नहीं आया टैंकर, तेल की बढ़ी किल्लत
बीजपुर। एमवी एक्ट में संशोधन को लेकर चल रहे चालकों के हड़ताल का असर मंगलवार को बीजपुर में दिखा। वहीं पेट्रोल पंपों पर तेल के टैंकर न आने से लोगों को तेल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। टंकियों पर भीड़ काफी लग रही है, तेल न होने से लोगो को बैरंग लौटना पड़ रहा है।