सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के तरावां (बड़कागांव) गांव में बुधवार की रात चुनावी माहौल को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर हुई मारपीट में घायल गुलाब (55) की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के भतीजे सुरेश की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ गैर इरादातन हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की मांग पर डटे रहे।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक तरावां गांव निवासी नंद कुमार ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि वह बुधवार की रात में करीब 11 बजे साइकिल से बरात देखकर घर जा रहे थे। गांव में जैसे ही पहुंचा गांव के ही विपक्ष के फेकन, सागर, सोनू और भोनू ने मुझे गाली देने लगे। मैने गाली देने से मना किया तो मुझे पटककर मारने पीटने लगे। मेरी चीख पुकार सुन कर मेरे पिता गुलाब तथा भाई सुरेश, बृजेश तथा पत्नी मौके पर बीच बचाव करने के लिए पहुंची। इस पर मनबढ़ों ने उन्हे भी लाठी डंडा व धारदार हथियार से मारने पीटने लगे। जिससे उन्हे गंभीर चोट आई है। बताया कि उसने 112 नंबर पर कॉल कर मौके पर बुलाया। 112 नंबर पुलिस हम लोगों को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी ले गई। जहां इलाज के दौरान उसके पिता गुलाब प्रसाद (55) वर्ष की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल सुरेश को डाक्टर ने रेफर कर दिया। जिसका इलाज वाराणसी के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। घटना के संबंध में कोतवाल अविनाश चंद्र सिन्हा का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। उपरोक्त चारों हमलावरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। उधर, तरावां गांव में शव पहुंचने पर परिजनों के साथ ग्रामीण मृतक का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि जब तक चारों आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण शव लेकर बैठे रहे। पूरे घटनाक्रम को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।