बभनी ब्लॉक के बचरा गांव में चुआड से पानी निकालती महिला
जिले में लगातार पेयजल को लेकर हो रही मारामारी ने प्रशासनिक अमले को सकते में ला दिया है। पहाड़ी इलाकों में जलस्तर खिसकने से अधिकांश हैंडपंप सूख गए हैं। शहर से लेकर गांव तक पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में पेयजल किल्लत वाले इलाकों में पानी उपलब्ध कराने के लिए लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। डीएम सीबी सिंह ने तीनों तहसील के समस्त लेखपालों को क्षेत्र में दिन भर मौजूद रह कर प्रधानों के माध्यम से टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने को कहा है।
जिले में वर्ष 2014-15 में औसत से कम बारिश हुई है। इसके चलते तेजी से भूजल स्तर नीचे खिसक रहा है। जन निगम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शहर और गांवों में इंडिया मार्का के करीब 35000 हजार हैंडपंप लगे हैं। इसमें से वर्तमान में पहाड़ी इलाकों के लगभग दस हजार हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। अधिकांश तालाब और कूप सूख गए हैं। इस नाते राबर्ट्सगंज, चोपन, ओबरा, दुद्धी, रेणुकूट समेत अन्य कस्बों के अलावा सैकड़ों गांवों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। डीएम सीबी सिंह ने जिन गांवों मेें पानी का संकट है वहां के सेक्रेटरियों और प्रधानों को अविलंब टैंकरों की व्यवस्था कर आपूर्ति कराने का निर्देश दे दिया है। लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरे दिन भ्रमण पेयजलापूर्ति कराने को कहा है। प्रतिदिन लेखपालों को क्षेत्र के नायब तहसीलदार को पेयजल की रिपोर्ट देनी होगी।