सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यक्रमों, नीति आयोग के निर्धारित इंडीकेटर्स की प्रगति और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सदर विधायक भूपेश चौबे से दुर्व्यवहार की शिकायत पर बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजेश कुमार के निलंबन का निर्देश डीएम को दिया। पुलिस को नागरिकों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करने का निर्देश दिया।
मुुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल के अंदर जिले को विकसित जिले के रूप में पहचान दी जाए। नीति आयोग से निर्धारित इंडीकेटर्स के मानकों को पूरा करते हुए जिले का पिछड़ापन दूर किया जाए। जिले में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की बहुलता है और इनको सुविधाएं समयबद्ध तरीके से दें।
उन्होंने कानून व्यवस्था की समीक्षा की। कहा कि पुलिस नागरिकों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करें। किसी गरीब व्यक्ति को परेशान न किया जाए। अवांछनीय तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जो अधिकारी या कर्मचारी जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ नागरिकों से अभद्र व्यवहार करेगा, उसके खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक राजेश कुमार द्वारा विधायक भूपेश चौबे से दुर्व्यवहार करने के मामले को लिपिक के निलंबन के निर्देश डीएम को दिए। कौशल प्राप्त बच्चों का प्रशिक्षण जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कराते हुए रोजगार मुहैया कराया जाए। जिले के वन ग्राम को चिह्नित करके राजस्व ग्रामों से जोड़ा जाए। प्लास्टिक का उपयोग न होने पाए और छापामारी करके सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में प्रभारी मंत्री अर्चना पांडेय, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी, मुख्य मंत्री के डे-आफिसर अमित सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत अमरेश सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद रामसकल, सांसद छोटेलाल खरवार, एमएलसी केदारनाथ सिंह, विधायक भूपेश चौबे, अनिला, संजीव , हरीराम चेरो, मंडलायुक्त मुरली मनोहर लाल, डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव, डीएम अमित कुमार सिंह, एसपी किरीट राठौड़, सीडीओ सुनील कुमार वर्मा, प्रशिक्षु आईएएस मानिकनंदन, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, एसडीएम सदर सादाब असलम आदि थे।