डाला। चोपन ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कोटा के टोला धवाईडंडी की रहने वाली जीवित महिला गंगा देवी (65) को सरकारी रिकार्ड में मृतक बता कर वृद्धा पेंशन रोकने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित वृद्धा खुद को जीवित घोषित करने के लिए अधिकारी एवं बैंक का चक्कर लगा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित महिला गंगा देवी पत्नी त्रिवेणी का कहना है कि वह अभी जिंदा है। बावजूद इसके समाज कल्याण विभाग के सरकारी रिकार्ड में उसे मृत घोषित कर वृद्धा पेंशन रोक दी गई है। उसने बताया कि जब उसने डाला स्थित पंजाब नेशनल बैंक में 27 नवंबर 2020 को रुपये निकालने के लिए फार्म भरा तो बैंक कर्मी ने रुपये निकालने से मना कर दिया। इसके बाद वह घर लौट गई। दूसरी बाद आठ दिसंबर, तीसरी बार 28 दिसंबर और चौथी बार 17 मार्च 2021 को वह बैंक पहुंची। जब विड्रॉल भरी तो बैंक कर्मी ने बताया कि आपको समाज कल्याण विभाग से मृतक घोषित कर दिया गया है, जिसकी वजह से भुगतान नहीं किया जा सकता। गंगा के बैंक खाते में 14,994.80 रुपये है। इस संबंध में बैंक शाखा प्रबंधक शिवेंद्र कुमार शुक्ला का कहना है कि 26 अगस्त 2020 को समाज कल्याण विभाग से बैंक को लेटर प्राप्त हुआ है कि वृद्धा पेंशनर गंगा देवी मृतक हो चुकी है। इनका भुगतान रोक दिया जाय। गंगा ने तहसील से शपथ पत्र बनवा कर भी बैंक को जीवित होने का प्रमाण दिया लेकिन रुपये नहीं निकालने दिया गया। इस संबंध में चोपन ब्लॉक के एडीओ आईएसबी राजेश कुमार का कहना है कि यह कार्यवाही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर की गई होगी। उनके द्वारा रिपोर्ट लगने के बाद महिला गंगा को मृतक माना गया होगा।
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वर्जन:
विकास खंड चोपन से मेरे यहां गंगा के मृतक होने का प्रमाण भेजा गया है, जिससे बाद वृद्धा पेंशन पर रोक लगाई गई है। जिंदा होने का प्रमाण मिलते ही पेंशन चालू करा कर दी जाएगी।-रमाशंकर यादव, समाज कल्याण अधिकारी-सोनभद्र।