ओबरा। ओबरा सी की 660 मेगावाट क्षमता की पहली इकाई मंगलवार की दोपहर बाद तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। राज्य उत्पादन निगम की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पहली इकाई से 25 अगस्त की देर रात उत्पादन शुरू हुआ था। चार दिनों के भीतर ही इकाई के बंद होने से निगम को झटका लगा है। अभियंता युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुट गए हैं। बंद होते समय इस इकाई से करीब 200 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।
तय तिथि से काफी लेट चल रही लगभग 11 हजार करोड़ वाली 1320 मेगावाट क्षमता की ओबरा-सी परियोजना की 660 मेगावाट की पहली इकाई को 25 अगस्त की रात करीब साढ़े आठ बजे चालू करते हुए अभियंताओं ने ग्रिड से जोड़ने में सफलता हासिल की थी। जानकारों की मानें तो रेलयार्ड सहित कोल हैंडलिंग प्लांट का निर्माण कार्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है। इसकी वजह से वैकल्पिक तौर पर सड़क मार्ग से कोयला मंगाकर इकाई को चलाया जा रहा है। इस संबंध में परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. राधे मोहन ने बताया कि तकनीकी खराबी आने के कारण ओबरा सी परियोजना की पहली इकाई बंद हो गई है। खराबी को दूर कर इकाई को जल्द ही लाइटअप कर लिया जाएगा।
ओबरा-बी की 12वीं इकाई बंद
ओबरा। तापीय परियोजना-बी की 200 मेगावाट क्षमता वाली 12वीं इकाई मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। बंद होने के समय इस इकाई से लगभग 125 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। इकाई बंद होने के पीछे एयर प्री हीटर में आई खराबी को कारण बताया जा रहा है। इससे परियोजना का उत्पादन लुढ़ककर लगभग 550 मेगावाट पर आ गया। देर शाम परियोजना की उत्पादनरत 9वीं इकाई से 122, 10वीं इकाई से 151, 11वीं इकाई से 133 और 13वीं इकाई से 136 मेगावाट उत्पादन हो रहा था।