जिले में सबसे बड़ा निवेश एनटीपीसी का होगा। केंद्र सरकार की यह संस्था चार अलग-अलग पावर प्लांटों की स्थापना पर 57 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें रिहंद जलाशय में लगने वाला सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट भी है। एक हजार मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट पर 6000 हजार करोड़ रुपये खर्च होने है। दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग पावर प्लांट भी है।
पिछले साल हुए इंवेस्टर्स समिट में ही एनटीपीसी ने इन परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। प्रदेश सरकार से करार होने के बाद तेजी से इससे जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही थीं। अब ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में इसे धरातल पर उतारने का खाका भी खींच गया। निवेश मित्र नितिन प्रकाश के मुताबिक एनटीपीसी का कुल निवेश 57 हजार करोड़ का है।
कंपनी 18625 करोड़ से अनपरा-ई, 17985 करोड़ से ओबरा-डी, 14400 करोड़ से एनटीपीसी सिंगरौली (शक्तिनगर) का विस्तार और 6000 करोड़ से एक हजार मेगावाट क्षमता वाला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट शामिल है। एनटीपीसी के बाद टोरंट पॉवर की सोमा और ससनई में पंप स्टोरेज पर आधारित दो परियोजनाएं 23800 करोड़ वाली हैं। फिर 17182 करोड़ की ग्रीनको ग्रुप का निवेश है। ग्रीनको ग्रुप ने पंप स्टोरेज के लिए सबसे पहला प्रस्ताव दिया था।