सोनभद्र। भीषण गर्मी में पेयजल की होने वाली किल्लत से निपटने के लिए जल निगम अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जल निगम ने 350 टैंकरों से पेयजलापूर्ति करने के लिए रूपरेखा बना ली गई है। उपजिलाधिकारियों के निर्देश पर आपूर्ति की जाएगी।
जिले का अधिकांश इलाका जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। इस नाते गर्मी का आगाज होते ही नदी, नाले, तालाब एवं बाऊली का जलस्तर खिसकने लगता है। अप्रैल में राबर्ट्सगंज के विकास नगर, अंबेडकर नगर, पूरब मोहाल समेत अन्य बस्ती में पानी की समस्या मुहं बाएं खड़ी हो जाती है। कम्हारी, बढ़ौली, गोरारी, सिंहोरा, पेटराही, उरमौरा, पुसौली, घुवास, बभनौली, जुगैल, पनौरा, चननी, मांची, खोड़ैला, बसुहारी समेत अन्य गांवों में लगे अधिकांश हैंडपंप पानी उगलना बंद कर देते है। जरूरत के अनुसार टैंकरों से पानी न मिलने पर पिछले साल उरमौरा, चुर्क समेत कई जगहों पर लोग विवाद कर लिए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए जल निगम आने वाले गर्मी को देखते हुए अभी से पेयजल संकट से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन जल निगम के पास खुद के चार ही टैंकर है, लेकिन ठेके पर करीब 350 टैंकरों का इंतजाम कर लिया गया है। इस संबंध में जल निगम के एक्सईएन फणिंद्र राय ने कहा कि गर्मी में पानी की होनी वाली समस्या के दृष्ठिगत 350 टैंकरों का प्रबंध कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर और टैंकरों का प्रबंध कराया जाएगा। कहा कि एसडीएम द्वारा जिन गांवों में टैंकरों से आपूर्ति करने का निर्देश मिलेगा वहां पर कराई जाएगी।