फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीमा पॉलिसी के नाम पर अब नही कटेगी धनराशि

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिनके वेतन से हर महीने 87-87 रुपये काटे जा रहे थे। यह कटौती तब भी जारी थी, जबकि एलआईसी की ओर से वर्ष 2014 में ही बेसिक शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए यह सामूहिक बीमा पॉलिसी को बंद कर दिया गया था। मामला संज्ञान में आने पर अब शासन के निर्देश पर इस महीने से कटौती पर रोक लगा दी गई है। जिले के परिषदीय स्कूलों में वर्ष 2014 से अब तक करीब 3700 शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति हुइ है। शासन की सामूहिक बीमा पालिसी के तहत शिक्षकों के खाते से हर माह 87 रुपये काटने के प्रावधान था। मगर बीमा कंपनी एलआईसी की ओर से 31 मार्च 2014 के बाद से परिषदीय स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के लिए यह योजना बंद कर दी गई। वहीं इसके एवज में उनको कोई दूसरी पॉलिसी नहीं दी गई। ऐसे में बेसिक शिक्षा परिषद में 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की सामूहिक बीमा पॉलिसी बंद होने के बावजूद उनके वेतन से हर महीने प्रीमियम के तौर पर 87 रुपये की कटौती की जाती रही। यह पैसा सरकारी खजाने में जाता रहा है। ऐसे में जिले में कुल शिक्षकों व कर्मचारियों की संख्या केआधार पर देखा लाय तो जिले में डेढ़ करोड़ से अधिक रुपये इन शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन से काटे गये हैं। एलआईसी ने पॉलिसी नंबर 4521 व 116846 समूह बीमा को दोनों पॉलिसी को बंद करने की जानकारी विभाग को शासन स्तर पर दे दी थी। वहीं बीमा कंपनी को विभाग की ओर से वर्ष 2014 से 2019 तक प्रीमियम की राशि जमा कराई गई है। इस राशि की वसूली भी होगी। वहीं मामला संज्ञान में आने पर वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा विभाग प्रयागराज ने जिला वित्त लेखाधिकारी व बीएसए को पत्र लिख कर इसी माह से प्रीमियम के कटौती को रोकने का निर्देश दिया है। प्रीमियम कटौती बंद करने का निर्देश शासन स्तर से प्राप्त हुआ है। ऐसे में इस माह से प्रीमियम के राशि की कटौती नहीं होगी। हालांकि शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रीमियम की राशि उन्हें वापस लौटाए संबंधी निर्णय शासन स्तर से होगा। नियुक्त शिक्षकों, कर्मचारियों का रिकॉर्ड उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। -मनीष शुक्ला, वित्त लेखाधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें