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UP: अब दिलों को भी ऊर्जा देगा NCL, जानें क्या है ‘नन्हा-सा-दिल’ अभियान...; बच्चों को मिलेगा उचित लाभ

Sun, 23 Mar 2025 12:19 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

नन्हा-सा-दिल अभियान से उन बच्चों को लाभ मिलेगा, जो दिल की बीमारियों से परेशान हैं। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की यह पहल काफी सराहनीय मानी जा रही है।
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एनसीएल में नन्हा सा दिल कार्यक्रम में की जानकारी देते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्र की उर्जा जरूरतों में मदद करने वाला नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) अब नन्हें बच्चों के दिलों को सेहतमंद बनाने का कार्य करेगा। 17000 बच्चों के हृदय रोग की जांच व उपचार का लक्ष्य रखा गया है। एनसीएल ने जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की जीवन रक्षक सर्जरी के लिए ‘नन्हा-सा-दिल’ पहल का शनिवार को शुभारंभ किया।

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कंपनी के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीधी-सिंगरौली के सांसद डॉ. राजेश मिश्र रहे। एनसीएल ने श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल के साथ मिलकर बच्चों के जीवन रक्षक हृदय शल्य चिकित्सा के लिए हाथ बढ़ाया है।

मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि इस अभिनव प्रयास से परिक्षेत्र में दिल की बीमारियों से पीड़ित बच्चों को निशुल्क नवजीवन का उपहार मिलेगा। एनसीएल अब देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ साथ दिलों को भी ऊर्जा प्रदान करेगा।

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सीएमडी एनसीएल बी. साईराम ने कहा कि प्रोजेक्ट ‘नन्हा सा दिल’ के मूल में मानवता और करुणा है। इस दौरान श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी विवेक गौर ने प्रोजेक्ट नन्हा-सा-दिल-एनसीएल का संक्षिप्त परिचय रखा। 

इस प्रोजेक्ट के तहत सिंगरौली परिक्षेत्र में जन्मजात हृदय रोग-कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए 345 स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से एनसीएल ने 17000 से अधिक बच्चों की हृदय रोग जांच का लक्ष्य रखा है। 

हृदय रोग की पुष्टि होने पर मरीज बच्चों को श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अस्पतालों में निशुल्क सर्जरी के लिए रेफर किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएसआर परियोजना को समर्पित वैन को हरी झंडी दिखाकर परियोजना की औपचारिक शुरुआत की गई। 

तीन लाख में पांच फीसदी की सर्जरी
देश में हर साल लगभग तीन लाख बच्चे सीएचडी के साथ पैदा होते हैं। इलाज के अधिक लागत के कारण पांच प्रतिशत रोगी बच्चों की सर्जरी करवाने में परिवार सक्षम हो पाता हैं। परिक्षेत्र में निवासरत जरूरतमंद बच्चों को बेहतर उपचार के अवसर एवं नवजीवन देने के उद्देश्य से ओनली दिल-नो बिल की भावना के साथ एनसीएल ने इस पहल की शुरुआत की है।
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