सोनभद्र। कुत्ता काटने की घटनाएं जिले में लगातार बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा बच्चे उनका शिकार बन रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को भी दोपहर 40 नए मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। पूरे जिले में नए मरीजों की संख्या 80 के करीब रही।
ठंड के मौसम में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। शनिवार को जहां जिले में 24 घंटे के भीतर कुत्तों ने 80 से अधिक लोगों को निशाना बनाया था। इस दिन महज जिला अस्पताल में 42 नए सहित कुल 111 मरीज पहुंचे थे।
रविवार की दोपहर से सोमवार की सुबह तक 24 घंटे में लगभग 80 से अधिक लोगों को कुत्तों ने काटा है। सोमवार की दोपहर दो बजे तक अकेले जिला अस्पताल में ही 40 नए लोग एंटी रेबीज की प्रथम डोज लगवाने पहुंचे थे। इनमें 50 फीसदी बच्चे शामिल थे। चतरा पीएचसी के प्रभारी डॉ. शुभम त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को 20 लोगों को इंजेक्शन लगा। इसमें 12 को प्रथम डोज लगा। बभनी सीएचसी पर चार, नगवां सीएचसी पर छह, सीएचसी दुद्धी पर पांच नए, सीएचसी म्योरपुर पर छह, चोपन सीएचसी पर आठ, सीएचसी घोरावल में दस नए मरीज पहुंचे थे। सभी को प्रथम डोज लगी।
सीएचसी करमा के फार्मासिस्ट त्रिभुवन सिंह ने बताया कि करमा में दो लोगों को प्रथम डोज लगी। इसके साथ ही करमा केकराही पीएचसी सहित अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों पर पहुंचे वाले मरीजों की संख्या पर गौर करें तो यह आंकड़ा 100 से पार हो जाता है। सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि सर्दी में कुत्ता काटने की घटनाओं के कारण एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग बढ़ी है। सभी अस्पतालों में जरूरत के अनुसार पर्याप्त इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
कुत्तों पर नियंत्रण के ठोस बंदोबस्त नहीं
जिले में आवारा कुत्तों की संख्या में बढ़ाेतरी हो रही है। इनसे निपटने के लिए कोई ठोस बंदोबस्त नहीं है। स्थिति यह है कि कहीं बाइक सवारों को कुत्तों का झुंड निशाना बना रहा है तो कहीं घर के सामने खेल रहे बच्चे शिकार बन रहे हैं। अधिकांश गली मोहल्लों से लेकर सड़कों पर आवारा कुत्तों की फौज है। सरकारी कार्यालय परिसरों तक कुत्ते नजर आते हैं। पिछले कई दिनों से इनके हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
किसी को राह चलते काटा तो किसी को प्तार जताना पड़ा भारी
छपका निवासी अखिलेश (14) को कुत्ते के बच्चे ने खिलाते समय काट लिया। रघुनाथपुर निवासी गनेश (70) घर से साइकिल पर खाद लेकर खेत जा रहे थे। रास्ते में कुत्ते ने काट लिया। बघुआरी गांव निवासी सविता (3) कुत्ते के बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान एक बच्चे ने उसे काट लिया। केवटी गांव निवासी मनोज के घर कुत्ते ने खेलते समयने काट लिया।डोमरिया गांव निवासी पीयूष पांडेय (13) को रविवार को पालतू कुत्ते ने काट लिया। इससे पहले भी उसे चार बार आवारा कुत्ते काट चुके हैं। छपका गांव के अशोक तिवारी (50) को घर के पालतू कुत्ते ने सोमवार की सुबह काट लिया। सहिजन खुर्द की आशा देवी (35) काे आवारा कुत्ते ने काट लिया। वे घर के बाहर घरेलू काम में व्यस्त थी।
रविवार को होती है परेशानी
जिले में कुत्ता काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, मगर इससे निपटने की तैयारी आधी अधूरी है। जिला अस्पताल हो फिर चाहे सीएचसी-पीएचसी कहीं भी रविवार को इंजेक्शन नहीं लगता है। अन्य छुट्टी वाले दिन भी यही स्थिति है, जबकि कुत्ता काटने की 24 घंटे के भीतर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने का नियम हैं। ऐसे में अस्पतालों से गरीब तबके के मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। सक्षम लोग बाजार से 300 से 400 रुपये खर्च कर खरीद लेते हैं। कुछ लोगों में जागरूकता का भी अभाव है।
केस:1 भरहिया गांव निवासी आरिश को गणतंत्र दिवस के दिन पालतू कुत्ते के बच्चे ने काट लिया। हालांकि बीच में दो दिन छुट्टी होने के कारण वो सोमवार को इंजेक्शन लगवा सका।
केस:2 सदर कोतवाली के निपराज निवासी आलोक (13) शनिवार को कुत्ते के बच्चों को खिला रहा था। जहां उनकी मां ने काट लिया।
बंदर और बिल्ली भी कर रहे हमले
जिले में कुत्तों के साथ ही बिल्ली और बंदरों के काटने की घटनाएं भी आ रही हैं। राबर्ट्सगंज के सांई चौक इलाके की रहने वाली रानी केशरी (40) को सोमवार की सुबह घर पर ही बंदर ने काट लिया। इसी क्षेत्र के इंद्रमणी पांडेय पर सुबह बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। चुर्क निवासी सुशीला को पिछले कई दिनों ने बिल्ली हमला कर घायल कर रही है। उन्हें छह-सात बार काट चुकी है।
कई इलाकों में नहीं लग रहे इंजेक्शन
जिले में शाहगंज सीएचसी पर लोगों को इंजेक्शन नहीं लग रहे हैं। ऐसे में लोग जिला अस्पताल आ रहे हैं। सोमवार को शाहगंज निवासी सीमा (35) जिला अस्पताल इंजेक्शन लगवाने पहुंची। शाहगंज के ढुटेर निवासी प्रफुल्ल (56) भी इंजेक्शन लगवाने जिला अस्पपताल पहुंचे।
यह बरतें सावधानी
- कुत्ता कुछ खा पी रहा हो तो उसके पास न जाएं
- कुत्ते आपस में लड़ रहे हों तो भी उनसे दूर रहें
- सोते हुए कुत्ते को किसी भी हालत में न छेड़ें
- कुत्तों के एकदम नजदीक से भागदौड़ न करें
- बच्चों को भी बताएं, कुत्तों के कान और पूंछ आदि न खींचें