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Sonebhadra News: देश की ऊर्जा राजधानी में अब सौर ऊर्जा से भी बनेगी बिजली, 170 एकड़ में लग रहा 50 मेगावाट का पॉवर प्लांट

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देश की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में अब सौर ऊर्जा से भी बिजली बनेगी। इसके लिए घोरावल तहसील क्षेत्र के झकाही में 50 मेगावाट का सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
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निजी संस्था एम पावर प्लस की ओर से लगाए जा रहे सोलर पावर प्लांट में बनने वाली बिजली ग्रिड के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। करीब 25 हजार घर इससे रोशन होंगे।
पर्यावरण की बढ़ती चुनौतियों के बीच सरकार क्लीन और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रही है। सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पैदा करने पर विशेष जोर है। इसी के तहत निजी संस्था एम पावर प्लस ने सोनभद्र के झकाही में सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना का करार किया है।
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इसके तहत संस्था करीब 250 करोड़ निवेश कर 170 एकड़ क्षेत्रफल में 50 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर रही है। इसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सोलर पैनल लगाने और उससे बिजली बनाने की प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो चुकी है।
अब इसे ग्रिड से जोड़ने का कार्य शेष रह गया है। इस पाॅवर प्लांट में बनने वाली बिजली को पसहीं के पास पारेषण लाइन के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाना है। पारेषण निगम के अधिकारी इसे अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।


दिन में बिजली कटौती से मिलेगी राहत
झकाही में लग रहे सौर ऊर्जा संयंत्र का लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। इसे बिजली निगम के 33/11 पसहीं उपकेंद्र से भी जोड़ा जाएगा। दिन में जब तक सूरज की रोशनी रहेगी, उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में संयंत्र के जरिए निर्बाध रूप से बिजली मिलती रहेगी। रात में पुरानी व्यवस्था से बिजली आपूर्ति की जाएगी। जरूरत के अनुसार इस बिजली को अन्य उपकेंद्रों को भी दिया जाएगा। 50 मेगावाट क्षमता वाले इस पॉवर प्लांट से 25 हजार घरों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

जिले की परियोजनाओं से बन रही 20 हजार मेगावाट बिजली
सोनभद्र में स्थापित रिहंद जलाशय बिजली उत्पादन का बड़ा केंद्र है। इसके आसपास स्थापित परियोजनाओं से 20 हजार मेगावाट का उत्पादन होता है। इसमें एनटीपीसी की तीन परियोजना 9760 मेगावाट, राज्य उत्पादन निगम की अनपरा परियोजना से 2630, निजी क्षेत्र की एमईआईएल से 1000 मेगावाट शामिल है। इसके अलावा रिहंद से जुड़े ओबरा बांध पर आधारित ओबरा-बी और ओबरा-सी से 2320 मेगावाट बिजली बनती है। निजी क्षेत्र में हिंडाल्को की रेणुसागर, मप्र की सीमा में रिलायंस की साशन और अडानी पाॅवर प्लांट भी बिजली उत्पादन के लिए रिहंद जलाशय पर निर्भर हैं। पिपरी और ओबरा में जल विद्युत परियोजनाएं भी स्थापित हैं।

एम पाॅवर की ओर से झकाही में 50 मेगावाट की क्षमता का सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। करीब 170 एकड़ में यह प्लांट लग रहा है। इसे पसहीं में ग्रिड से जोड़ने के लिए पारेषण लाइन का काम चल रहा है। जल्द ही इसे पूरा कर उत्पादन शुरू करा दिया जाएगा। -इं.शिवधनी, अधिशासी अभियंता, विद्युत पारेषण निगम।

निजी क्षेत्र की संस्था झकाही में सौर ऊर्जा पर आधारित पॉवर प्लांट लगा रही है। शासन स्तर से इसकी निगरानी की जा रही है। यह मंडल का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा पर आधारित बिजली संयंत्र होगा। -प्रेमशंकर सिंह, परियोजना अधिकारी नेडा।
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