नमामि गंगे परियोजना में पारा के निस्तारण का भी हो प्रबंध
चारों विधायकों ने सीएम से मिलकर रखी मांग, 15 नवंबर के लिए दिया निमंत्रण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र/म्योरपुर। नमामि गंगे परियोजना के तहत हर घर जल परियोजना में होने वाली जलापूर्ति में पारा की समस्या के समाधान न किए जाने की शिकायत जिले के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की है। राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड के नेतृत्व में चारों विधायकों ने शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मिलकर ज्ञापन सौंपा। उन्हें आदिवासी गौरव दिवस पर 15 नवंबर को जनजाति समुदाय में होने वाले पट्टा वितरण कार्यक्रम के लिए आमंत्रित भी किया।
विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि दुद्धी तहसील क्षेत्र में नमामि गंगे परियोजना में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के दौरान पारे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इस वजह से लोगों को दूषित जल का सेवन करना पड़ सकता है। उन्होंने इसकी जांच कराकर परियोजना में प्रावधान करने की मांग की। इसके अलावा क्षेत्र में फलदार पौधे समेत हर्रा, बहेरा, चिरौंजी के पौधों को रोपित करने की मांग की। कहा कि इन पौधों के रोपे जाने से अति पिछड़े इलाके के लोगों की आय बढ़ेगी और उनका आर्थिक स्तर ऊंचा उठेगा। उन्होंने उभ्भा कांड के बाद जमीनों पर कब्जेदारों के नाम से खतौनी जारी करने की भी जरूरत बताई। कहा कि तमाम ऐसी जमीन है जहां नाम किसी और का है और कब्जा कोई और है। इसके अलावा आदिवासी गौरव दिवस के मौके पर 15 नवंबर को अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा संचालित सेवा कुंज आश्रम में वृहद पट्टा वितरण कार्यक्रम के लिए निमंत्रण दिया। प्रतिनिधिमंडल में दुद्धी विधायक रामदुलार गोंड, सदर विधायक भूपेश चौबे, घोरावल के अनिल मौर्य के अलावा सेवा समर्पण संस्थान के प्रदेश संगठन मंत्री आनंद जी, विमल सिंह, आलोक चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।