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अब नहरों को नहीं मिलेगा पानी, 21 जुलाई की सुबह बंद हो जाएगा नगवां बांध

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प्रकृति की बेरुखी को देखते हुए प्रशासन ने अब नगवां बांध से पानी न छोड़ने का निर्णय लिया है। नगवां से संचालित हो रही नहरें 21 जुलाई को सुबह बंद कर दी जाएंगी। बारिश होने की स्थिति में बाद में नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। फिलहाल बांध का पानी रिजर्व रखा गया है। जो सूखा पड़ने की स्थिति में पशु-पक्षियों के लिए छोड़ा जाएगा। धंधरौल बांध से पानी छोड़ने को लेकर विभाग पहले ही हाथ खड़ा कर चुका है। बारिश न होने से अन्य बांधों का जलस्तर भी काफी कम है।
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धान की रोपाई के लिए पानी की मांग को देखते हुए 14 जुलाई को नगवां बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया है। शुरुआत में 500 मिलियन क्यूबिक फीट पानी छोड़ा जा रहा था। दो दिन से करीब 600 मिलियन क्यूबिक फीट पानी छोड़ा जा रहा है। नहरों में पानी आने के कारण कई स्थानों पर किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। अधिकांश स्थानों पर बोर का जलस्तर नीचे खिसकने और प्रकृति के रुख को देखते हुए किसान धान की रोपाई नहीं कर रहे हैं। सिंचाई बंधुओं के साथ हुई बैठक में नगवां बांध से 12 दिन तक पानी छोड़े जाने पर सहमति बनी थी लेकिन जिले में सूखे की स्थिति को देखते हुए नहरों का संचालन अब नहीं किए जाने का निर्देश दिया गया है। इस नाते अब नगवां बांध को 12 दिन न चलाकर बंद करने का फैसला किया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं सिंचाई बंधुओं की मानें तो नगवां बांध से संचालित नहरों को 21 जुलाई की सुबह बंद कर दिय जाएगा। बाद में यदि बारिश होती है या फिर नहरों में पानी छोड़ने का आदेश होगा तभी पानी छोड़ा जाएगा। उधर, नगवां बांध बंद होने की सूचना से भी धान की रोपाई शुरू कर रहे किसानों के माथे पर बल पड़ने लगा है।
इस वजह से भी बंद करनी पड़ रही नहर
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धान रोपाई की पीक सीजन को देखते हुए नगवां बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया है। ताकि किसान धान की रोपाई कर सकें। सर्किल में भ्रमण करने पर पाया गया कि करीब 10 से 15 प्रतिशत किसान ही धान की रोपाई कर रहे हैं। इसमें भी वे किसान शामिल है, जिनके पास सिंचाई के वैकल्पिक संसाधन भी हैं लेकिन करीब 85-90 प्रतिशत किसान प्रकृति की बेरुखी को देखते हुए रोपाई नहीं कर रहे हैं।
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नगवां बांध को 12 दिन तक चलाया जाना था, लेकिन क्षेत्र में धान की रोपाई को लेकर किसानों के रुख को देखते हुए बांध बंद किए जाने का आदेश हुआ है। 21 जुलाई की सुबह नगवां बांध से पानी बंद कर दिया जाएगा। आगे उच्चधिकारियों का जब निर्देश होगा, तब पानी छोड़ा जाएगा। - राजीव प्रसाद, सहायक अभियंता, मिर्जापुर कैनाल डिविजन मिर्जापुर।
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