सरकार ने शहरी क्षेत्र में भी निवास करने वाले हर गरीब को छत मुहैया कराने का निर्णय लिया है। शासन स्तर से पात्रों का चयन कर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत धन मुहैया कराया जा रहा है। प्रत्येक लाभार्थी को आवास बनवाने के लिए ढाई लाख रुपये दिया जा रहा है। जिले में धन प्राप्त होने के बाद भी कई लाभार्थियों ने आवास का निर्माण नहीं कराया है। डूडा के पीओ ने धन मिलने के बाद भी आवासों का निर्माण कार्य न कराने वाले 1829 लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस मिलने के बाद भी आवासों का निर्माण न कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार सभी गरीबों को पक्का मकान मुहैया कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शहरी क्षेत्र के गरीबों को आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी शुरू की गई है। इस योजना के तहत अब तक नगर पालिका राबर्ट्सगंज, नगर पंचायत ओबरा, चोपन, घोरावल, दुद्धी में करीब 8441 लोगों का चयन किया गया है। प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार सभी चयनित लाभार्थियों के खाते में भेजा जा चुका है। वहीं दूसरी किस्त के रूप में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये 7942 लाभार्थियों को भेजा गया है और तीसरी किस्त में 50 हजार की राशि 6013 को भेजी गई है। हालांकि दूसरी किस्त प्राप्त करने बाद भी डेढ़ हजार से अधिक लाभार्थियों ने निर्माण कार्य नहीं कराया है। कई बार संबंधित अधिकारी और कर्मचारी लाभार्थी को काम पूरा कराने के लिए कह चुके हैं लेकिन उनकी सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। लेकिन अब रुपये लेेकर आवास न बनवाने वालों से प्रशासन ने सख्ती से निपटने का निर्णय लिया है।
दूसरी किस्त प्राप्त करने के बाद भी आवासों का कार्य न कराने वाले करीब 1829 लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस मिलने के बाद भी आवासों का कार्य न कराने वालों के खिलाफ सरकारी धन हजम करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - राजेश उपाध्याय, पीओ, डूडा।