सोनभद्र। जिले के परिषदीय शिक्षा से जुड़े प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की चहारदीवारी का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। करीब डेढ़ सौ से अधिक विद्यालयों की चहारदीवारी नहीं बन सकी है और गेट का निर्माण नहीं हो सका है। इससे विद्यालय परिसर में पढने वाले बच्चों में असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। अब कायाकल्प अभियान के तहत 30 मार्च तक इन विद्यालयों के बाउंड्री के निर्माण का कार्य पूर्ण किया जाना है। इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में बाउंड्री और गेट का निर्माण न होने के नाते शैक्षिक वातारण नहीं बन पा रहा है। सरकार परिषदीय विद्यालयों को आदर्श बनाने का प्रयास कर रही है लेकिन तमाम बुनियादी सुविधाएं न होने से विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू नहीं हो पाता है। खासकर ऐसे परिषदीय विद्यालय जो सड़क के किनारे स्थित हैं, वहां से वाहनों के गुजरने, लोगों के लगातार आवागमन से पढ़ाई प्रभावित होती है। इतना ही नहीं बच्चों की सुरक्षा का भी खतरा बना रहता है। बेसिक शिक्षा विभाग के लोगों की मानें तो जिले में करीब डेढ़ सौ से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनकी अब तक बाउंड्री नहीं हो सकी है। इसमें सदर ब्लॉक के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेठगांव में आधा बाउंड्री हुआ है आधा अब तक नही हुआ। करीब तीन साल पूर्व प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री हो चुकी है। जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय की अब तक नहीं हुई।