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Sonebhadra News: अफसर नहीं, डॉक्टर बने सीएमओ, निरीक्षण छोड़ पहुंचे ऑपरेशन थिएटर और बचा ली दो जानें

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सोनभद्र/चोपन। स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण के लिए पहुंचे सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को मानवता की मिसाल पेश की। चोपन सीएचसी पहुंचने पर पता चला कि एक प्रसूता की हालत गंभीर है और तत्काल ऑपरेशन के लिए एनेस्थेटिक की जरूरत है। वह तुरंत अफसर से डॉक्टर बन गए। ऑपरेशन एप्रन पहना और खुद एनेस्थेसिया देते हुए जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचा ली। 24 घंटे तक दोनों को सघन निगरानी में रखने के बाद छोड़ दिया गया। फिलहाल दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. मिश्रा बुधवार को सीएचसी-पीएचसी के निरीक्षण के लिए निकले थे। दोपहर में वह चोपन पहुंचे तो पता चला कि मल्लहिया टोला निवासी संदीप साहनी अपनी पत्नी आरती (22) को लेकर सीएचसी पहुंचे थे। प्रसूता की हालत गंभीर है। उसे तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत है। म्योरपुर में भी एक सिजेरियन ऑपरेशन होना था। पता चला कि एनेस्थेटिक म्योरपुर चले गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ खुद ही डॉक्टर बन गए। एनेस्थेटिक विशेषज्ञ होने के नाते उन्होंने खुद ऑपरेशन एप्रेन पहना और सर्जन एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुभाष को साथ लिया। इसके बाद प्रसूता को एनेस्थीसिया देते हुए खुद की निगरानी में ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया पूरी कराई। डॉ. रमेश कुमार मिश्रा का कहना था कि वह पहले एक डॉक्टर हैं, बाद में अफसर। वह चाहते हैं कि इसी भावना से जिले के सभी डॉक्टर कार्य करें ताकि हर प्रसूता को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाती रहे।
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