रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के स्थित एक बगीचे में गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं की लगी कतार। संवाद
सोनभद्र। रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत खत्म हो चुकी है। आपूर्ति पूर्व की तरह सुचारु होने के बाद भी रॉबर्ट्सगंज में उपभोक्ताओं के लिए सिलिंडर पाना अब भी आसान नहीं है। गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी न होने से उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के गोदाम तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। सिलिंडर लेने के लिए नगर से दो किमी दूर एक बगीचे में खुले आसमान के नीचे कतार लगानी पड़ रही है। बारिश के बीच भी उपभोक्ता घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। पूरा दाम देने के बाद भी होम डिलीवरी न होने से उपभोक्ताओं में असंतोष है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसी की ओर से घर तक सिलिंडर पहुंचाने के बजाय दूर एक बगीचे में सिलिंडर वितरण किया जा रहा है। नगर से बगीचे तक आने-जाने के लिए ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जिससे सिलिंडर की कीमत के अलावा आने-जाने का खर्च भी बढ़ जाता है। कई उपभोक्ता सुबह से कतार में खड़े रहने के बाद भी वितरण व्यवस्था को लेकर असमंजस में रहते हैं। बारिश के दौरान छोटे-छोटे बच्चों को भी गैस सिलिंडर के साथ घंटों कतार में खड़ा देखा जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि खुले स्थान पर सिलिंडर वितरण के दौरान न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था है और न ही बारिश से बचने का इंतजाम। ऐसे में उन्हें मौसम की मार झेलते हुए सिलिंडर लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं के मुताबिक गैस एजेंसी के कर्मचारियों से होम डिलीवरी और वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। कई लोग बगीचे तक पहुंचने के बाद जानकारी के अभाव में वापस लौट जाते हैं। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।