अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले भर में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। निर्माणाधीन जिला कारागार रसैना में जागरुकता कार्यक्रम और कार्यरत श्रमिकों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने लगभग 50 महिला एवं पुरूष श्रमिकों को अंगवस्त्रम और प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए फल वितरित किया। साथ ही उनके बच्चों में चाकलेट का वितरण किया। उन्होंने कहा कि निर्माण के क्षेत्र में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके बिना किसी भी विकास कार्य की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस युग में भी मानव श्रम का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि यह हर कार्य की मूल आवश्यकता बना हुआ है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। कार्यक्रम के दौरान श्रमिक पंजीकरण कैंप एवं स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव, जेल अधीक्षक पीके त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे। बक्शा: जागृति सेवा फाउंडेशन नौपेड़वा द्वारा शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि विनोद कुमार ने कहा कि मजदूर देश के विकास का रीढ़ होता है, ऐसे मे श्रमिकों का सम्मान एवं उनके योगदान को भुलाया नही जा सकता। अध्यक्षता फाउंडेशन अध्यक्ष नीलम ने जबकि संचालन सीमा भारती ने किया। इस दौरान विनोद मौर्य, सेरेमाल मौर्य, राधा गौड़, जयप्रकाश, डॉक्टर शेर बहादुर, रमाशंकर गौतम, वंदना, त्रिभुवन, चंद्रकला, निर्मला, रेखा मौजूद रही।
मजदूरों ने मांगों को लेकर बुलंद की आवाज
उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के जौनपुर डिपो पर मई दिवस आयोजन समिति के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शिकागो के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित श्रमिक नेताओं ने दुनिया के मजदूर एक हो के नारे के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को खत्म कर लाए गए 4 नए लेबर कोड श्रमिकों को गुलाम बनाने की एक सोची-समझी साजिश है। इसके माध्यम से 8 घंटे काम के अधिकार, न्यूनतम वेतन, और यूनियन बनाने जैसे मौलिक अधिकारों को छीना जा रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार निजीकरण और विनिवेशीकरण के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में सौंप रही है, जिससे बेरोजगारी और महंगाई चरम पर पहुंच गई है। वक्ताओं ने मांग की कि श्रमिकों को जीवन जीने लायक न्यूनतम 30 हजार वेतन दिया जाए और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जाए। अध्यक्षता सी.बी. सिंह ने की तथा संचालन कल्लू राम ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में अजीत चौबे का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान प्रमुख रूप से विजय प्रताप सिंह कामरेड, किरन शंकर रघुवंशी, जय प्रकाश, प्रवीण शुक्ला, लाल प्रकाश राही आदि उपस्थित रहे। वहीं, यूपीएमएसआरए जौनपुर इकाई के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन श्रम आयुक्त, उत्तरप्रदेश सरकार को ईमेल के माध्यम से एवं सहायक श्रम आयुक्त, जौनपुर के माध्यम से प्रेषित किया। उसके बाद जौनपुर ईकाई के सदस्यों ने अपने इकाई प्रांगण में अपने तथा अन्य संगठनों के साथ मजदूर दिवस मनाया।
बच्चों ने प्रस्तुति से मोहा मन
क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेलौनाखुर्द में विश्व मजदूर दिवस बड़े उत्साह एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। बच्चों ने श्रम के महत्व पर कविता, भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। प्रधानाचार्य राजेश उपाध्याय ने कहा कि मजदूर समाज और देश की प्रगति के वास्तविक आधार होते हैं। उनके कठिन परिश्रम से ही विकास की इमारत खड़ी होती है। प्रधान के प्रतिनिधि सुधांशु विश्वकर्मा, संजय, बसंतलाल, सिंटू, प्रवेश आदि उपस्थित रहे।