सोनभद्र। थानों में आम आदमी की एफआईआर न लिखे जाने की बात तो कई बार सुनने में आ चुकी है लेकिन सरकारी अधिकारी, कर्मचारी की तहरीर पर भी एफआईआर नहीं लिखी जा रही है। ऐसा मामला सिंचाई विभाग का है। सिंचाई विभाग के जिलेदार ने सोढ़ा गांव में धंधरौल बांध की जमीन पर कब्जा करने के मामले में रामपुर बरकोनिया थाना में करीब दस दिन पूर्व दो अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दिया, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने कहा कि उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी जाएगी। एफआईआर न किए जाने के संबंध में थाने से भी पत्राचार किया जाएगा।
सोढ़ा गांव में धंधरौल बांध की सैकड़ों एकड़ जमीन है, जिसकी निगरानी मिर्जापुर नहर प्रखंड करता है। इस जमीन पर विभागीय स्तर पर ग्रामीणों को खेती के लिए पट्टा किया जाता था। लेकिन इधर सारे पट्टे काफी समय से निरस्त चल रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग जबरन जमीन पर अतिक्रमण कर खेती कर रहे हैं। इसकी जानकारी पर कुछ दिन पूर्व अपर जिलाधिकारी की अगुवाई में मौके पर पहुंची फोर्स ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया था। लेकिन प्रशासन अधिकारी और पुलिस के वहां से लौटने के बाद फिर से कुछ लोगों ने बांध की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया। फिर 17 नवंबर को मामले को संज्ञान में लेते हुए विभाग के जिलेदार रामयतन राम ने रामपुर बरकोनिया थाना में दो व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दिया। लेकिन अब तक उस तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है। इस बाबत नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि थाने में तहरीर दी गई है। अभी तक प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें उससे संबंधित रिकार्ड नहीं उपलब्ध कराया गया है। यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो उच्चाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा और थाने से भी इस संबंध में पत्राचार किया जाएगा। उधर रामपुर बरकोनिया के थानाध्यक्ष संजय कुमार पाल का कहना था कि थाने में तहरीर की फोटोस्टेट कॉपी दी गई है। इसलिए एफआईआर नहीं हुई है। इस संबंध में विभाग के अधिशासी अभियंता से भी वार्ता हुई है। प्रार्थना पत्र की मूल कापी मिलने पर केस दर्ज कर विवेचना की जाएगी।