सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र का गजराज नगर में नवसृजित ओबरा तहसील का मुख्यालय होगा। यहां सिंचाई विभाग की भूमि पर तहसील भवन का निर्माण होगा। इसको लेकर बृहस्पतिवार को एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया था। उन्होंने एसडीएम से सिंचाई विभाग के भवन में रहने वालों की रिपोर्ट मांगी थी। लेखपालों की दो सदस्यीय टीम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।
कुल 115 गांवों को मिलाकर बनी ओबरा तहसील के भवन निर्माण के लिए नवागत एसडीएम प्रकाश चंद्र की अगुवाई में तेलगुड़वा चौराहा, डाला कस्बे के समीप दो स्थानों, ओबरा के सेक्टर नौ समेत तीन स्थानों पर जमीन, गजराज नगर में सिंचाई विभाग की भूमि, सिंदुरिया में एक भूमि की मापी की गई है। एसडीएम ने रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजा था। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने गजराज नगर में तहसील का मुख्यालय बनाने की अनुमति दे दी है। एडीएम ने तहसील के लिए चयनित भूमि का बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया था और सिंचाई विभाग की भूमि पर बने कुछ आवासों में रह रहे लोगों के बारे में जानकारी मांगी थी। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि गजराज नगर में सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन तहसील भवन के लिए चयनित की गई है। एसडीएम को भूमि से जुड़े दस्तावेजों एवं व आवासों में रह रहे लोगों का सत्यापन कराकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। आवासों में अवैध कब्जा करने वालों को खदेड़ा जाएगा। एसडीएम प्रकाशचंद्र ने बताया कि लेखपालों ने आवासों में रह रहे लोगों का सत्यापन शुरू कर दिया है। जमीन से जुड़े दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं। जल्द ओबरा में अस्थायी रूप से तहसील का काम शुरू हो जाएगा। एसडीएम के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य कर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है।
जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने बताया कि चोपन विकास खंड क्षेत्र के गजराज नगर में नवसृजित ओबरा तहसील का मुख्यालय बनेगा। इसके लिए सिंचाई विभाग की जमीन चिह्नित कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही तहसील भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा।
नव सृजित ओबरा तहसील में शामिल हैं ये गांव
सोनभद्र। नवसृजित ओबरा तहसील में 115 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें चोपन, बर्दिया, सिंदुरिया, भगवा, महलपुर, टापू, गायघाट, घटिहटा, गोठानी, खेवंधा, चंदौली, अगोरी खास, बिजौरा, गोसारी, खरहरा, बडगवा, अलउर, गुरदह, भरहरी, जुगैल, बिल्ली-मारकुंडी, परसोई, पनारी, कनहरा, बैरपुर, नदेहरा, नदेहरू, करगरा, बंधवा, मीतापुर व भभाइच शामिल है। इनके अलावा चिरौली, बघनार, बेलदहा, करकी, बघनारी, कुरूहुल, रेड़िया, कनछ, कन्हौरा, पकरी, बेलछ, रूदौली, करईल, किशुनपुरवा,चेरवाडाही, धधीया, बगिया, केरवा, मिटिहिनिया, घरौधी, गिधिया, पिपरखाड़, कचनरवा, पड़रक्ष, गायघाट, रामगढ़, बरवाडीह, खेमपुर, झारिया, महिउददीनपुर, देवाटन, कोन, रगरम, शिवपुर, डोमा, किशुनचक, बरवाखाड़, रजखड़ भी शामिल हैं। इसी प्रकार सेमरखड़, लोहवे, मिश्री, बहुअरा, खेतकटवा, कुड़वा, नरहटी, मझिगवां, चाचीकला, नकतवार, असनाबांध, चाचीखुर्द, बागेसोती, डूमर, हर्रा, निगाई, कोटा, पटवध, अदलगंज, रोरवा, नौडिहा, ससनई, बरहमोरी, चकरिया, झरिया, अरगुड़, सरसा, चननी, गड़ाव, कुुम्हरवार, गुडूर, भितरी, पिंडारी, रानीडीह, महुना, बसुआरी, सेमिया, चतरवार, घोरिया, कुड़ारी, नेवारी, महम, भरगोन, मदाईन, जमुवल और कुरछा गांव शामिल गए हैं।