शक्तिनगर राख परिवहन में अब नई व्यवस्था लागू होगी। इसमें सात साल और उससे ज्यादा पुराने ट्रक और ट्रेलरों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लोडिंग प्वाइंट्स पर ही ओवरलोड चेक कर उसे रोकने के निर्देश दिए गए है। डीएम-एसपी ने पावर प्रोजेक्ट के अफसरों के साथ बैठक कर जल्द इसे लागू करने की बात कही।
शक्तिनगर राख परिवहन में अब सात साल पुराने ट्रक-ट्रेलरों पर पाबंदी लगा दी गई है। शनिवार को डीएम-एसपी की मौजूदगी में पावर प्रोजेक्ट के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। लोडिंग प्वाइंट्स पर ही सख्ती से ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए गए। इस फरमान के बाद परिवहनकर्ताओं में खलबली मच गई।
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ओवरलोड ट्रक-ट्रेलरों के चलते आए दिन लगने वाले जाम की समस्या पर गंभीर हुए डीएम व एसपी ने शनिवार को पावर प्रोजेक्ट के अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम बीएन सिंह ने कहा कि बैठक का सकारात्मक परिणाम जल्द दिखेगा। उन्होंने बताया कि ओवरलोड वाहनों को लेकर दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। इसके बावजूद यह सिलसिला नहीं थमा तो पुलिस व एआरटीओ अपना काम करेगी।
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डीएम ने कहा कि पावर प्रोजेक्टों के निर्बाध परिचालन व विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाने के साथ कई निर्णय लिया गया है। इसके जरिए सभी पक्षों के हितों का ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाथीनाला व रेणुकूट के समीप उन स्थानों को चिन्हित किया है, जहां दुर्घटनाएं व वाहन खराब होते हैं। खराब वाहनों को सड़क से हटाने के लिए रिकवरी वैन की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पावर प्रोजेक्ट के अफसरों को निर्देश दिया गया है कि राख बांध के लोडिंग प्वाइंट्स से ट्रक-ट्रेलर ओवरलोड नहीं निकलने चाहिए।
इसी तरह सीमित संख्या में राख लोड वाहनों को निकालने की व्यवस्था व सड़क पर बेवजह वाहनों को खड़ा करने पर रोक लगाने के साथ लोडिंग परिसर में वाहनों की पार्किंग करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सुचारू आवाजाही के मुद्दे पर हर माह बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बैठक नतीजा 15 से 20 दिनों में दिखने लगेगा। बैठक में पावर परियोजनाओं के अधिकारियों साथ दुद्धी एसडीएम निखिल यादव, पिपरी सीओ अमित कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।