जश्न-ए-ईदमिलादुन्नवी के मौके पर सोमवार की रात राबर्ट्सगंज के हमीद नगर और नई बस्ती में जलसे का आयोजन किया गया। इसमें उलेमाओं ने नुरानी तकरीर के साथ नवी रसूले आजम की सीरत पर रोशन डाली।
शायरे इस्लाम नेयाज सोनभद्री के कलाम ने महफिल में शमा बांध दी। मौलाना निहाल रजा नूरी ने तकरीर में कहा कि हुजूर के आने से पहले दुनिया में जुल्म का बोलबाला था।
जब रसूले कायनात आए तो बुराइयां खत्म हुईं। इस्लाम सारी दुनिया में एक बेहतरीन जीवन व्यवस्था है। हुजूर साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए।
उनका संदेश दीन, दुखियों की सेवा करना, लोगों से मोहब्बत करना और आपस में लड़ने वालों से दूर रहने का है। मुसलमान इमानदार बनें और नमाज पढ़ें। एजाज कादरी प्यारे भाई ने आपसी एखलाक, मोहब्बत पर रोशनी डाली।
कहाकि रसूले कायनात की मोकद्दस जिंदगी पर अमल करें तो हर जगह कामयाबी मिलेगी। कहा दहशतगर्दी से इस्लाम का कोई वास्ता नहीं है। पूरी दुनिया में जितनी भी दहशतगर्द तन्जीमें हैं, उसका इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है
क्योंकि वे इस्लाम के खिलाफ काम कर रहे हैं। दोनों जगहों पर जलसों में लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर हाजी शहाबुद्दीन, सराफत अली, जाकिर अली, जाफर हुसैन, वारिस अली, मकसूद, रोशन खां आदि मौजूद रहे।