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बभनी और सिकरिया में भी खुलेंगे नए आश्रम पद्धति विद्यालय

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जिले के गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा देने के लिए छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित सिकरिया और बभनी में नए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए दोनों स्थानों पर जगह चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। नया आवासीय विद्यालय खुलने से आदिवासी बहुल इस इलाके में माध्यमिक शिक्षा के लिए मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।
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देश के 115 अति पिछड़े जिलों में शामिल सोनभद्र में शिक्षा का स्तर काफी खराब है। इसमें सुधार के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिश जारी है। सुदूर इलाकों में विद्यालय स्थापित कर बच्चों के लिए शिक्षा की राह सुगम बनाई जा रही है। इसी के तहत आदिवासी बहुल इलाकों में नए आवासीय विद्यालय खोलने की पहल की जा रही है।
मौजूदा समय में जिले में चार आश्रम पद्धति संचालित हैं। इसमें राबर्ट्सगंज में बालिका और गुरमुरा, घोरावल व दुद्धी में बालकों का विद्यालय है। अब दो नए आश्रम पद्धति विद्यालय भी स्थापित करने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए जमीन का चिह्नांकन कर लिया गया है। नए विद्यालय म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के सिकरिया गांव और बभनी ब्लाक के बभनी गांव में स्थापित करने की तैयारी है।
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दोनों विद्यालयों का निर्माण कार्य कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। दोनों स्कूलों में 980 बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक विद्यालय में 490 बच्चे अध्ययनरत रहेंगे। भवन का निर्माण कार्य लगभग 72 करोड़ रुपये से कराया जाएगा। शासन से कार्यदायी संस्था नामित करते हुए धन जारी होते ही स्कूलों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
तीन स्कूलों के लिए जमीन तलाश जारी
सोनभद्र। जिले में तीन अन्य आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने के लिए राज्य मंत्री संजीव गोंड की ओर से दिए गए प्रस्ताव को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने जिला प्रशासन को आश्रम पद्धति विद्यालयों को खोलने के लिए चोपन के जुगैल, परसोई और म्योरपुर के कुलडोमरी में भी जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट मुहैया कराने का आदेश दिया है। कुछ दिन पूर्व ओबरा तहसीलदार, थाना प्रभारी मिथिलेश मिश्रा, क्षेत्रीय कानूनगो और लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर कई भूमि की नापजोख की थी।
गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा देने के लिए सिकरिया और बभनी में नए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने के लिए जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेज दिया गया है। परसोई, जुगैल और कुलडोमरी मेें भी स्कूलों को खोलने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। - रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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