सोनभद्र। आसमान से अब धूप नहीं, आग बरस रही है। गर्मी का प्रकोप ऐसा है कि अप्रैल में ही लोगों को मई-जून की याद आने लगी है। सोमवार को तापमान में मामूली कमी जरूर आई, लेकिन तपिश और लू की मार कम नहीं हुई। दिन का पारा औसत (38) से चार डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। हाल यह रहा कि लगन का सीजन और सप्ताह का पहला कार्य दिवस होने के बाद भी दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। लोग घरों के अंदर दुबके रहे। सुबह और शाम थोड़ी चहल-पहल दिखी। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
रविवार को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री था, जबकि सोमवार को 42 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान मामूली वृद्धि के साथ 24.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान में कमी के बावजूद गर्म हवा के थपेड़े लोगों को 45 डिग्री की गर्मी का अहसास कराते रहे। इसके चलते दिन में 10 बजे के बाद बेहद जरूरी काम से ही लोग घर से बाहर निकले। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लगन के बाजार में भी भीड़भाड़ कम रही। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक जिले में 20 अप्रैल के अधिकतम तापमान औसत 38 डिग्री सेल्सियस है, जबकि सोमवार को चार डिग्री ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी औसत 23 डिग्री से 1.8 डिग्री अधिक था। उन्होंने बताया कि अगले चार दिन तक गर्मी ऐसे ही बरकरार रहने की संभावना है। तापमान भी इसी के आसपास बना रहेगा। दोपहर में गर्म हवा से बचने की जरूरत है।
स्कूलों का समय बदला, दोपहर 12 बजे होगी छुट्टी
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिले में संचालित विद्यालयों का समय बदल दिया गया है। अब कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगे। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालय, सीबीएसई,आईसीएसई बोर्ड के हिंदी-अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों पर यह आदेश प्रभावी होगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों में लू के मरीजों के लिए विशेष वार्ड या अलग बेड की व्यवस्था
भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव (लू) से बचाव के लिए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने जिले में व्यापक कार्ययोजना लागू करते हुए सभी विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभागों को 28 अप्रैल तक अपनी कार्ययोजना (एसओपी) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में लू के मरीजों के लिए विशेष वार्ड या अलग बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे ड्यूटी, ओआरएस, ग्लूकोज व दवाओं की उपलब्धता रहे। एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखा जाए। शिक्षा विभाग स्कूलों में पेयजल, पंखे व छायादार स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित करे। सभी नगर निकायों में सार्वजनिक स्थलों, बाजारों व बस स्टैंड पर पेयजल, छाया और कूलिंग सेंटर की व्यवस्था करने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप मरम्मत, टैंकर से जलापूर्ति और मनरेगा श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए पानी व दवाओं की व्यवस्था करने को कहा गया है।